
फर्जी PMO अधिकारी बनकर घूम रहा 24 साल का युवक गिरफ्तार, फोटो सोर्स- एक्स ( @sirajnoorani )
Fake PMO official arrest Mumbai: मुंबई पुलिस ने बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स (BKC) स्थित एक लग्जरी मॉल से खुद को प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) का वरिष्ठ अधिकारी बताने वाले 24 वर्षीय रोहन पारिख और उसके 49 वर्षीय बॉडीगार्ड दिलीप कुंडे को गिरफ्तार किया है। पुलिस जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि आरोपी ने फर्जी PMO पहचान पत्र और कई आधिकारिक दस्तावेज तैयार करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टूल ChatGPT का इस्तेमाल किया था। अदालत ने पुलिस की आगे की रिमांड अर्जी खारिज करते हुए दोनों आरोपियों को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
यह घटना 7 सितंबर को जियो वर्ल्ड प्लाजा (Jio World Plaza) में उस वक्त हुई, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अगले दिन पास ही स्थित नीता मुकेश अंबानी कल्चरल सेंटर में एक वैश्विक कार्यक्रम के लिए पहुंचने का कार्यक्रम था। मॉल में प्रवेश के दौरान सुरक्षाकर्मियों ने रोहन पारिख के साथ मौजूद बॉडीगार्ड के पास रिवॉल्वर देखी, जिसके बाद सुरक्षाकर्मियों और उनके बीच बहस हो गई। बहस के दौरान रोहन पारिख ने खुद को पीएमओ का अधिकारी बताया। संदेह होने पर सुरक्षाकर्मियों ने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद दोनों को हिरासत में ले लिया गया।
पुलिस ने एस्प्लेनेड कोर्ट के समक्ष अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट डी. एस. खेडेकर की अदालत में बताया कि पारिख के घर की तलाशी के दौरान अंग्रेजी भाषा में लिखे पीएमओ के कई फर्जी दस्तावेज बरामद हुए हैं।
पारिख ने स्वीकार किया है कि वह वर्ष 2025 से सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ाने और परिवार तथा दोस्तों के बीच अपना रुतबा दिखाने के लिए ChatGPT का उपयोग करके फर्जी PMO ID और सरकारी पत्र तैयार कर रहा था। पुलिस ने बताया कि आरोपी के फोन डेटा से यह भी पता चला है कि उसने पीएमओ पत्राचार के प्रारूप (ड्राफ्टिंग) की खोज के लिए इंटरनेट सर्च किया था।
मामले में दूसरे आरोपी दिलीप कुंडे पूर्व सेना कर्मी हैं। पुलिस के अनुसार, उनके पास से एक रिवॉल्वर बरामद हुई है। कुंडे ने स्वीकार किया है कि उन्होंने व्यक्तिगत उपयोग के लिए हथियार का लाइसेंस लिया था, लेकिन वह रोहन पारिख के निजी बॉडीगार्ड के रूप में व्यावसायिक तौर पर इसका इस्तेमाल कर रहे थे।
सुनवाई के दौरान आरोपियों के वकील सतीश मानेशिंदे ने दलील दी कि दोनों आरोपियों ने दस्तावेज खुद बनाने की बात कबूल कर ली है और इसमें कोई तीसरा पक्ष शामिल नहीं है। वकील ने कहा कि पुलिस पहले ही मोबाइल, लैपटॉप और अन्य दस्तावेज जब्त कर चुकी है, इसलिए अब हिरासत में पूछताछ की जरूरत नहीं है। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद पुलिस कस्टडी की अर्जी खारिज कर दी और पारिख तथा कुंडे को 14 दिन की जेल (न्यायिक हिरासत) में भेज दिया।
Updated on:
11 Sept 2026 06:53 pm
Published on:
11 Sept 2026 06:53 pm
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