
हनुमान अंश (फोटो सोर्स- Instagram/hanumanansh)
Hanuman Ansh Singer Shreyas DharmadhikariRevelation: कम बजट में बनी फिल्म 'हनुमान अंश' इन दिनों बॉक्स ऑफिस पर बड़ी सफलता हासिल कर रही है। 2 करोड़ रुपये से भी कम लागत में तैयार हुई यह फिल्म 200 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई कर चुकी है और अब दुनियाभर में रिलीज हो रही है। फिल्म की कहानी और कलाकारों के साथ-साथ इसके संगीत और बैकग्राउंड स्कोर ने भी दर्शकों पर गहरा असर डाला है। खास बात यह है कि फिल्म के गाने तैयार करने में जुड़े कलाकारों ने पैसों और संसाधनों की कमी के बावजूद अपने स्तर पर पूरी मेहनत की।
फिल्म के संगीत से जुड़े गायक श्रेयस धर्माधिकारी और धीरेंद्र मुलकलवार ने अपने अनुभव साझा किए हैं। दोनों के मुताबिक इस फिल्म का संगीत किसी एक संगीतकार तक सीमित नहीं रखा गया। अलग-अलग गानों के लिए अलग गायकों और कंपोजर्स को जोड़ा गया, जिसकी वजह से फिल्म के साउंडट्रैक में अलग-अलग तरह की आवाजें और संगीत का रंग सुनने को मिला।
श्रेयस धर्माधिकारी का 'हनुमान अंश' से जुड़ना अपने आप में दिलचस्प कहानी है। मूल रूप से ग्वालियर से ताल्लुक रखने वाले श्रेयस इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद 2014 में सिंगर बनने का सपना लेकर मुंबई आए थे। उनके घर में भगवान हनुमान का एक छोटा मंदिर है। जिस गाने 'जय हनुमान' को उन्होंने फिल्म के लिए आवाज दी, वह उन्होंने मूल रूप से अपने घर के उसी मंदिर के लिए लिखा था।
श्रेयस की मुलाकात फिल्म से जुड़े विशाल चतुर्वेदी से इस्कॉन मंदिर में एक कार्यक्रम के दौरान हुई। विशाल ने उनसे फिल्म के लिए ऐसा गीत बनाने को कहा, जो नीम करौली बाबा से जुड़ी कहानी और मंदिर की स्थापना के प्रसंग के साथ फिट हो सके। श्रेयस ने उन्हें अपना पहले से लिखा हुआ गाना सुनाया और वह फिल्म की कहानी के लिए बिल्कुल उपयुक्त लगा।
शुरुआत में श्रेयस इस गीत को बड़े स्तर पर तैयार करना चाहते थे, लेकिन उनसे गाने को ज्यादा प्राकृतिक और सादा रखने के लिए कहा गया। फिल्म में योगदान देने के लिए उन्होंने अपनी फीस भी नहीं ली। उन्होंने सिर्फ उन संगीतकारों का न्यूनतम खर्च लिया, जिन्होंने गाना तैयार करने में उनकी मदद की थी।
फिल्म के संगीतकार और गायक धीरेंद्र मुलकलवार की कहानी भी कम दिलचस्प नहीं है। वह फिल्म से जुड़ने से पहले मुश्किल दौर से गुजर रहे थे और पिछले साल अप्रैल में कैंची धाम गए थे। इसके करीब दो महीने बाद उन्हें 'हनुमान अंश' में काम करने का प्रस्ताव मिला। धीरेंद्र के लिए यह महज संयोग नहीं था और उन्होंने इसे आध्यात्मिक अनुभव के तौर पर देखा।
फिल्म का बजट बहुत सीमित था। प्रचार के लिए बड़े स्तर पर होर्डिंग्स लगाने या मीडिया तक पहुंचने के लिए पर्याप्त पैसा नहीं था। इसके बावजूद टीम ने संगीत की गुणवत्ता से समझौता नहीं किया। धीरेंद्र ने अपने संगीतकार दोस्तों की मदद ली। कई कलाकारों ने बिना किसी भुगतान की उम्मीद के फिल्म के लिए काम किया। स्टूडियो का खर्च उठाना संभव नहीं था, इसलिए धीरेंद्र ने अपने घर को ही रिकॉर्डिंग स्टूडियो में बदल दिया और वहीं गानों की रिकॉर्डिंग की गई। उनके मुताबिक कुछ लोगों ने आध्यात्मिक जुड़ाव की वजह से और कुछ ने दोस्ती के कारण मदद की।
शुरुआत में फिल्म को दर्शक नहीं मिल पाए और पहले दो हफ्तों में बॉक्स ऑफिस प्रदर्शन कमजोर रहा। लेकिन तीसरे हफ्ते में तस्वीर अचानक बदल गई। शो की संख्या बढ़ने लगी और फिल्म की चर्चा लोगों के बीच फैल गई। टीम इस बदलाव को किसी चमत्कार से कम नहीं मानती।
धीरेंद्र ने बताया कि फिल्म की टीम ने शुरुआत से ही पैसे को केंद्र में नहीं रखा। जितने संसाधनों में काम संभव था, उसी में फिल्म पूरी की गई। 'हनुमान अंश' के संगीत में भी इसी सादगी और आध्यात्मिक जुड़ाव को बनाए रखने की कोशिश की गई, जो अब दर्शकों तक पहुंचता दिखाई दे रहा है।
Updated on:
11 Sept 2026 05:53 pm
Published on:
11 Sept 2026 05:53 pm
