
सुशांत सिंह राजपूत की फोटो। (फोटो सोर्स: X- @sudhirpal)
Sushant Singh Rajput Death Case: सुशांत सिंह राजपूत की डेथ को छह साल बीत चुके हैं, लेकिन मामला आज भी चर्चा में आ जाता है। अब एक बार फिर दिवंगत अभिनेता की मौत को लेकर बहस शुरू हो गई है। इसकी वजह पोस्टमार्टम में शामिल रहे पूर्व कर्मचारी रूपकुमार शाह के पुराने दावे हैं।
पोस्टमार्टम करने वाली टीम के पूर्व सदस्य रूपकुमार शाह के पुराने दावों को लेकर नई बहस छिड़ गई है। शाह ने दावा किया था कि सुशांत के शरीर पर ऐसे निशान थे जिनसे उनकी मौत आमतौर पर खुद की जान लेने के मामले जैसी नहीं लग रही थी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मौत से पहले सुशांत का गला 2-3 बार दबाया गया था। हालांकि, इन दावों के समर्थन में कोई पुख्ता सबूत पेश नहीं किया गया है।
रूपकुमार शाह कूपर अस्पताल में मुर्दाघर के कर्मचारियों में शामिल थे और उन्होंने दावा किया कि वो सुशांत सिंह राजपूत के पोस्टमार्टम में शामिल थे। उनके अनुसार, सुशांत की गर्दन पर ऐसे निशान थे जिन्हें उन्होंने आम तौर पर फांसी या गला कसने से बनने वाले निशानों से अलग बताया। उन्होंने गर्दन पर दबाव के निशान होने का भी दावा किया था।
शाह ने सुशांत की मौत को सामान्य खुद की जान लेने का मामला मानने पर सवाल उठाते हुए अपने अनुभव का हवाला दिया था। उनका कहना था कि पोस्टमार्टम के दौरान शरीर पर दिखाई देने वाले कुछ निशान उन्हें असामान्य लगे।
उनके इन बयानों के बाद सोशल मीडिया पर सुशांत की मौत को लेकर एक बार फिर कई तरह की चर्चाएं शुरू हुई। हालांकि, इन दावों को स्वतंत्र रूप से साबित करने वाला कोई सबूत सामने नहीं आया।
यूजर्स ने सुशांत सिंह राजपूत की मौत को लेकर पुराने दावों के फिर चर्चा में आने पर नाराजगी जताई। एक यूजर ने लिखा, “तो आपको अब पता चला है? अगर पता चल ही गया है तो जिन लोगों ने किया है, उन पर कार्रवाई कब होगी?” वहीं कुछ यूजर्स ने सवाल उठाया कि मामले में न्याय मिलने में इतना समय क्यों लग रहा है और “जस्टिस फॉर एसएसआर” की मांग की।
कई यूजर्स ने कहा कि सुशांत की मौत को लेकर पहले भी ऐसे दावे सामने आ चुके हैं, लेकिन उन्हें गंभीरता से नहीं लिया गया। एक यूजर ने लिखा, “6 साल लग गए यह पता चलने में कि उनका गला 2-3 बार दबाया गया था।” वहीं, दूसरे ने सवाल किया, “क्या हम जंतर-मंतर चलें?”
हाल ही में एक इंटरव्यू में SSR की बहन श्वेता सिंह कीर्ति ने कहा कि सुशांत की मौत को छह साल हो चुके हैं, लेकिन कई सवाल अब भी अनसुलझे हैं। उन्होंने दावा किया कि दिशा सालियान की मौत के बाद सुशांत काफी परेशान थे और बार-बार कहते थे कि “वे उन्हें भी नहीं छोड़ेंगे।” हालांकि, श्वेता ने स्पष्ट किया कि वह नहीं जानतीं कि सुशांत का इशारा किसकी ओर था।
सुशांत सिंह राजपूत 14 जून 2020 को मुंबई स्थित अपने फ्लैट में मृत पाए गए थे। उनकी मौत के बाद से ही इस मामले को लेकर कई तरह के सवाल और दावे सामने आते रहे हैं। अब पुराने बयानों के दोबारा चर्चा में आने से सोशल मीडिया पर एक बार फिर बहस शुरू हो गई है। हालांकि, रूपकुमार शाह के दावों को तथ्य के तौर पर नहीं, बल्कि उनके द्वारा किए गए आरोपों के रूप में ही देखा जाना चाहिए। सुशांत की मौत से जुड़े आधिकारिक निष्कर्षों और जांच के रिकॉर्ड को इन दावों से अलग समझना जरूरी है।
Updated on:
11 Sept 2026 05:09 pm
Published on:
11 Sept 2026 05:06 pm
