
photo released by maharashtra congress
(मुंबई): महाराष्ट्र राज्य विधानमंडल के शीतकालीन सत्र शुरू से होने पहले ही सत्ता पक्ष और विपक्ष में टकराव शुरू हो गया है। राज्य के अन्य गंभीर समस्या से परे जाकर सत्ता पक्ष और विपक्ष फ़िल्मी शीर्षकों के जरिए आपस में लड़ते नजर आयें। रविवार दोपहर को जहां विपक्ष ने सरकार को ठग्स आफ महाराष्ट्र की संज्ञा दी तो शाम को मुख्यमंत्री ने इसका जवाब देते हुए विपक्ष को गैंग्स आफ वासेपुर तक कह डाला।
फ़िल्मी अंदाज में सरकार को घेरने की शुरुआत विपक्ष ने ही की। सत्र शुरू होने के पूर्व संध्या पर आयोजित पत्रकार परिषद में विपक्ष ने ठग्स आफ हिंदुस्तान फिल्म की तर्ज पर ठग्स आफ महाराष्ट्र का पोस्टर जारी किया है जिसमें मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस और शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे को चतुर ठग के रूप में पेश किया है। विपक्ष का यह पोस्टर देखते ही देखते सोशल मीडिया पर छा गया। विपक्ष के इस पोस्टर से सत्ता पक्ष को कड़ा ठेस लगा है। खास कर मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस को, तभी तो मुख्यमंत्री ने भी पत्रकारो के बीच बड़े ही सफाई से विपक्ष के इस आरोपों का तीखा जवाब दिया उन्हें बचकाना तक कह डाला।
फडणवीस ने कहा कि विपक्ष के पास मुद्दे नहीं हैं, लिहाजा विपक्ष फिल्मी टाइटल का सहारा लेकर बचपना हरकतें कर रहा है। मै भी चाहू तो उसे गैंग्स आफ वासेपुर का नाम दे सकता हूं। लेकिन मैं ऐसा नहीं करना चाहता हूँ। राज्य में सूखा जैसी तमाम गंभीर मुद्दे है। लेकिन विपक्ष में कोई गंभीरता नहीं नजर आ रही है। फ़िल्मी तरीके अपनाकर विपक्ष खुद अपनी किरकिरी करवा रहा है।
विपक्ष पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि विपक्ष को ऐसी गन्दी राजनीति से बाज आना चाहिए। यदि विपक्ष जनता का हित चाहता है तो एेसी टिप्पणियों से बचकर सरकार को सुझाव दे। विपक्ष वही मुद्दे उठा रहा है जो समस्याएं उनकी सरकार के कार्यकाल में निर्माण हुई थी। हम विपक्ष के सारे सवालों का जवाब दे चुके हैं। फिर भी विपक्ष के हर सवालों का जवाब दिया जाएगा। यह उचित नहीं है।
Published on:
18 Nov 2018 10:47 pm
