
पुणे पॉलीटेक्निक कॉलेज में PM मोदी की तस्वीर हटाने पर अमित ठाकरे के खिलाफ एक्शन (Photo: ANI)
PM Modi photo Controversy: पुणे के गवर्नमेंट पॉलिटेक्निक कॉलेज में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर कथित तौर पर हटाए जाने के मामले में चतुर्श्रृंगी पुलिस ने महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के दो कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, दोनों कार्यकर्ताओं से घटना को लेकर पूछताछ की जा रही है और मामले की जांच जारी है।
इससे पहले पुलिस ने मनसे प्रमुख राज ठाकरे के बेटे और पार्टी नेता अमित ठाकरे समेत अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। आरोप है कि कॉलेज के एक कार्यालय की दीवार पर लगी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर को जबरन हटाया गया।
कॉलेज की ओर से पुलिस में दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, मनसे की छात्र इकाई के प्रमुख अमित ठाकरे अपने 25 समर्थकों के साथ सोमवार दोपहर सदस्यता अभियान के सिलसिले में कॉलेज पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने समर्थकों से कार्यालय की दीवार पर लगी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर हटाने को कहा। इस दीवार पर प्रधानमंत्री मोदी के साथ छत्रपति शिवाजी महाराज, बाबासाहेब आंबेडकर और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की तस्वीरें भी लगी थीं।
कॉलेज अधिकारी ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि अमित ठाकरे और उनके साथ मौजूद अन्य लोग बिना अनुमति कार्यालय में दाखिल हुए और प्रधानमंत्री मोदी की तस्वीर हटा दी। शिकायत में कर्मचारियों को कथित तौर पर धमकाने, नारेबाजी करने और हंगामा करने के भी आरोप लगाए गए हैं। पुलिस इन सभी आरोपों की जांच कर रही है।
छत्रपति पुलिस थाने के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस घटना के संबंध में मनसे के दो कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया है। अधिकारी ने कहा कि मामले की जांच जारी है और जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। पुलिस जल्द ही ठाकरे से भी पूछताछ कर सकती है।
अमित ठाकरे ने कहा कि उनके खिलाफ पहला केस छत्रपति शिवाजी महाराज से जुड़े आंदोलन के कारण दर्ज हुआ था। पत्रकारों से बात करते हुए कहा, "हां, मैंने प्रधानमंत्री की उस तस्वीर को हटवाया जो छत्रपति शिवाजी महाराज और डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर की तस्वीरों के ठीक बगल में लगी थी।"
ठाकरे ने कहा कि उनके खिलाफ पहली एफआईआर छत्रपति शिवाजी महाराज से जुड़े एक आंदोलन के कारण हुई थी। अगर दूसरी एफआईआर भी शिवाजी महाराज और बाबासाहेब आंबेडकर के सम्मान के लिए दर्ज हुई तो मुझे बहुत गर्व है।
अमित ठाकरे के इस बयान के बाद यह मामला महाराष्ट्र की राजनीति में भी चर्चा का विषय बन गया है। भाजपा ने ठाकरे पर निशाना साधते हुए इसे राजनीतिक अपरिपक्वता बताया है। जबकि उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) उनके कदम को सही ठहरा रही है। फिलहाल पुलिस तस्वीर हटाए जाने की घटना की जांच कर रही है।
Updated on:
01 Sept 2026 04:50 pm
Published on:
01 Sept 2026 04:41 pm
