
पत्नी के गहने गिरवी रखे, 600 फॉर्मूले आजमाए! MBA छोड़कर खड़ा किया करोड़ों का बिजनेस (Photo: X/@newswithnavya and AI)
Pune Success Story: कार धोना हमारे रोजमर्रा के कामों में शामिल है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक सामान्य कार वॉश में करीब 20 से 25 लीटर पानी खर्च हो सकता है? पानी की बढ़ती कमी और भूजल स्तर में गिरावट के बीच पुणे के नितिन शर्मा ने कार वॉशिंग का ऐसा तरीका विकसित किया, जिसमें पानी की जरूरत ही नहीं पड़ती। MBA की पढ़ाई बीच में छोड़कर पारिवारिक कार वॉश बिजनेस संभालने वाले नितिन ने बाद में 'GoWaterless' की शुरुआत की। आज उनका यह बिजनेस रोज करीब 12 लाख लीटर पानी बचाने का दावा करता है और सालाना करीब 4 करोड़ रुपये की कमाई कर रहा है।
द इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, नितिन शर्मा ने साल 2004 में एमबीए की पढ़ाई बीच में छोड़ दी थी। इसके बाद उन्होंने पुणे में अपने परिवार के कार वॉशिंग बिजनेस की जिम्मेदारी संभाली। शुरुआत में यह एक सामान्य कार वॉश बिजनेस था, लेकिन साल 2016 में पानी के गंभीर संकट ने नितिन को कुछ अलग करने के लिए मजबूर कर दिया।
उस दौरान भूजल स्तर तेजी से नीचे जा रहा था, कुएं सूख रहे थे और देश के कई हिस्से पानी की समस्या से जूझ रहे थे। नितिन को महसूस हुआ कि कार धोने के लिए हर बार बड़ी मात्रा में पानी का इस्तेमाल करना लंबे समय तक सही नहीं है। यहीं से उनके दिमाग में बिना पानी के गाड़ी धोने का आइडिया आया।
नितिन ने 2017 में इस आइडिया पर काम शुरू किया। उन्होंने पानी के बिना कार साफ करने का तरीका विकसित करने के लिए करीब 10 लाख रुपये का निवेश किया। उनकी पत्नी ने भी अपनी लगभग पूरी बचत इस बिजनेस में लगा दी और यहां तक कि अपने गहने भी गिरवी रख दिए।
हालांकि, परिवार के कुछ लोगों ने इस फैसले पर सवाल भी उठाए। लेकिन नितिन अपने विचार को लेकर पूरी तरह आश्वस्त थे। उनका लक्ष्य सिर्फ एक नया बिजनेस शुरू करना नहीं, बल्कि कार वॉशिंग में होने वाली पानी की बर्बादी को रोकना था।
नितिन के लिए यह सफर आसान नहीं था। करीब दो साल तक उन्होंने लगातार रिसर्च और टेस्टिंग की। इस दौरान उन्होंने करीब 600 अलग-अलग फॉर्मूलों पर प्रयोग किया कि बिना पानी के कार की सफाई कैसे की जा सकती है और साथ ही कार के पेंट को नुकसान भी न पहुंचे।
आखिरकार 2019 में उन्हें सफलता मिली। उन्होंने पौधों पर आधारित एक ऐसा क्लीनर तैयार किया, जो कार की सफाई के साथ-साथ एंटी-कोर्रोसिव और डिसइंफेक्टिंग गुणों वाला था। इससे कार की सतह पर निशान भी नहीं पड़ते थे।
इस क्लीनर में पांच अलग-अलग पौधों से प्राप्त ऑर्गेनिक एक्सट्रैक्ट का इस्तेमाल किया गया। इनमें से प्रत्येक का अलग काम था। कोई गंदगी हटाने में मदद करता है, कोई कार के पेंट की सुरक्षा करता है और कुछ तत्व कार की सतह को UV किरणों से बचाने में मदद करते हैं।
पारंपरिक तरीके से एक कार धोने में करीब 20 से 25 लीटर पानी खर्च हो सकता है। GoWaterless की तकनीक इसी पानी की जरूरत को खत्म करती है। नितिन के मुताबिक, उनकी कंपनी की अनोखी तकनीक के जरिए रोजाना करीब 12 लाख लीटर पानी बचाया जा रहा है। यह सेवा ग्राहकों को उनके घर या निर्धारित स्थान पर उपलब्ध कराई जाती है। यानी जहां एक तरफ ग्राहक को कार धुलवाने के लिए वॉशिंग सेंटर तक जाने की जरूरत नहीं होती, वहीं दूसरी तरफ बड़ी मात्रा में पानी की बचत भी होती है।
नितिन ने जिस बिजनेस में करीब 10 लाख रुपये लगाए थे, वह कुछ ही वर्षों में बड़े कारोबार में बदल गया। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, उनका निवेश अब करीब 10 करोड़ रुपये के स्तर तक पहुंच चुका है, जबकि बिजनेस से सालाना करीब 4 करोड़ रुपये का रेवेन्यू हो रहा है। आज GoWaterless के 200 से ज्यादा फ्रेंचाइजी देश के 22 राज्यों में काम कर रहे हैं।
नितिन शर्मा की कहानी सिर्फ एक सफल बिजनेस की कहानी नहीं है। यह दिखाती है कि पर्यावरण की समस्या को अगर सही तरीके से समझा जाए तो उससे एक टिकाऊ बिजनेस मॉडल भी तैयार किया जा सकता है। नितिन का असली लक्ष्य कार वॉशिंग के दौरान होने वाली पानी की बर्बादी को कम करना है। उनका मानना है कि अगर हर कार को धोने में इस्तेमाल होने वाले पानी की बचत की जाए तो बड़े स्तर पर जल संरक्षण किया जा सकता है।
Updated on:
11 Aug 2026 01:46 pm
Published on:
11 Aug 2026 01:36 pm
