
मनसे ने रेलवे के खिलाफ फिर खोला मोर्चा (Photo: IANS)
राज ठाकरे की पार्टी महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) ने एक बार फिर मध्य रेलवे के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाया है। मनसे नेता अमित ठाकरे ने रेलवे भर्ती और विभागीय पदोन्नति परीक्षाओं से मराठी भाषा को कथित तौर पर बाहर रखे जाने के खिलाफ रेलवे प्रशासन की कड़ी आलोचना की है। अमित ठाकरे ने इसे मराठी भाषी लोगों के अधिकारों पर सीधा हमला करार देते हुए चेतावनी दी है कि यदि इस अधिसूचना में तुरंत बदलाव नहीं किया गया, तो मनसे अपने स्टाइल में जवाब देने के लिए मैदान में उतरेगी।
अमित ठाकरे ने रेलवे को भेजे गए अपने पत्र में कहा कि 16 मार्च 2026 को जारी GDCE 01/2026 नोटिफिकेशन में कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) का माध्यम केवल हिंदी और अंग्रेजी रखा गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह मराठी भाषा को दरकिनार करने की सोची-समझी कोशिश है।
उन्होंने सवाल उठाया कि जब पहले 2017, 2019 और 2023 तक रेलवे की परीक्षाएं मराठी में भी आयोजित की जाती थीं, तो अब अचानक मराठी को क्यों हटाया गया। ठाकरे ने इसे मराठी युवाओं के अधिकारों के खिलाफ बताया।
अमित ठाकरे ने कहा कि साल 2008 में राज ठाकरे के नेतृत्व में मराठी भाषा और भूमिपुत्रों के अधिकार के लिए बड़ा आंदोलन हुआ था, जिसके बाद रेलवे की भर्ती प्रक्रियाओं में मराठी को जगह मिली थी। अब उसे हटाना मराठी लोगों के संयम की परीक्षा लेने जैसा है।
मनसे ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही नोटिफिकेशन में बदलाव कर मराठी भाषा को शामिल नहीं किया गया, तो पार्टी आंदोलन करेगी। अमित ठाकरे ने कहा कि महाराष्ट्र की धरती पर मराठी का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और मराठी लोगों के हक के लिए मनसे सड़कों पर उतरेगी।
इस पूरे मामले में मध्य रेल पर सवाल उठाते हुए अमित ठाकरे ने पूछा कि क्या रेलवे मंत्रालय के उस आश्वासन को नजरअंदाज किया जा रहा है, जिसमें क्षेत्रीय भाषाओं में परीक्षा कराने की बात कही गई थी।
इस पूरे मामले में मध्य रेल पर सवाल उठाते हुए अमित ठाकरे ने पूछा, “अगस्त 2025 में रेल मंत्री ने लोकसभा में आश्वासन दिया था कि परीक्षाएं 15 क्षेत्रीय भाषाओं में होंगी। क्या स्थानीय अधिकारी इस आदेश को नजरअंदाज कर रहे हैं?”
उन्होंने यह भी पूछा कि विभागीय पदोन्नति में मराठी को शामिल क्यों नहीं किया जाता और क्या मराठी युवाओं की प्रगति रोकने की कोशिश की जा रही है।
गौरतलब है कि हाल ही में मनसे ने दादर-रत्नागिरी पैसेंजर ट्रेन को फिर से शुरू करने की मांग को लेकर रेलवे को अल्टीमेटम दिया था। पार्टी ने चेतावनी दी थी कि अगर दो हफ्तों में मांग पूरी नहीं हुई, तो उत्तर प्रदेश व बिहार जाने वाली ट्रेनों को मुंबई में ही रोक देंगे। इस चेतावनी के बाद मध्य रेलवे ने कहा कि कोंकण क्षेत्र के लिए ट्रेन सेवाओं में कोई कमी नहीं की गई है, बल्कि 92 ट्रेनें नियमित रूप से चलाई जा रही हैं। दादर-रत्नागिरी पैसेंजर ट्रेन को दिवा से चलाने का निर्णय तकनीकी और परिचालन जरूरतों को ध्यान में रखकर लिया गया है।
मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (CPRO) डॉ. स्वप्निल नीला ने स्पष्ट किया कि कोंकण क्षेत्र के लिए ट्रेनों की संख्या में कमी नहीं की गई है, बल्कि वर्तमान में अप-डाउन मिलाकर कुल 92 ट्रेनें रोजाना सीएसएमटी, एलटीटी, दादर, कल्याण, दिवा, वसई रोड और पनवेल के रास्ते इस रूट पर चल रही हैं। यात्रियों की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता होती है।
Published on:
27 Mar 2026 07:35 pm
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