
मां संगीता के साथ कुनाल चांदगुडे (Photo: X/sangita_patil-30)
Chandgude family dispute: महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर के खवड़िया पहाड़ी हादसे ने पूरे देश को झकझोर दिया है। पलभर में कुनाल चांदगुडे (19) और उसके माता-पिता की मौत हो गई थी, अब इस मामले में हर दिन नए-नए खुलासे हो रहे हैं। शुरुआत में ऐसी चर्चा थी कि आईफोन को लेकर हुए विवाद के कारण कुनाल ने यह कदम उठाया, लेकिन अब परिवार व रिश्तेदारों की ओर से इस दावे को पूरी तरह गलत बताया गया है। इस बीच, कुनाल की मौसेरी बहन ने सोशल मीडिया पर चली रही अलग-अलग चर्चाओं पर नाराजगी जताते हुए परिवार का पक्ष रखा है। बहन ने कहा कि कुनाल को पैसों या महंगे फोन की कोई जरूरत नहीं थी। उसके पास पहले से आईफोन 15 प्रो था। कुनाल के पिता मुरलीधर और मां संगीता ने बचपन से उसकी हर जरूरत को पूरा किया था।
रक्षाबंधन के मौके पर भाई कुनाल की गैरमौजूदगी का दर्द भी बहन ने साझा किया। उन्होंने बेहद भावुक होकर कहा कि इस बार रक्षाबंधन पर उनका भाई उनके साथ नहीं है और इस पीड़ा को शब्दों में बयां करना बेहद मुश्किल है।
कुनाल की मौसेरी बहन ने कहा कि कुनाल को न तो पैसे चाहिए थे और न ही कोई संपत्ति। उसे सिर्फ उसके पिता चाहिए थे। कुनाल अपने पिता के बेहद करीब था। पिछले कुछ समय से परिवार में चल रहे विवादों को लेकर वह मानसिक तनाव में था। बहन का दावा है कि परिवार के भीतर पैदा हुई परिस्थितियों के कारण कुनाल को अपने पिता से दूर हो जाने का डर सताता था।
कुनाल की बहन ने बताया कि पिछले करीब 20 वर्षों से जिस बुआ ने कुनाल और उसके माता-पिता का हालचाल नहीं जाना, उसके अचानक करीब आने से कुनाल और उसकी मौसी (संगीता) को चिंता होने लगी थी। कुनाल को सबसे ज्यादा डर इस बात का था कि कहीं कोई उसके पिता को उससे दूर न कर दे।
बहन ने कहा कि कुनाल के पिता का स्वभाव बेहद सरल था और वह लोगों की बातों पर आसानी से भरोसा कर लेते थे। बहन ने बताया कि पिछले 20 सालों से जिस बुआ ने कभी हाल-चाल नहीं पूछा था, वह अचानक परिवार के करीब आने लगी थीं। कुनाल और उसकी मां को डर सता रहा था कि बुआ उनके (मुरलीधर) इसी सीधेपन का फायदा उठाकर उनसे अलग कर देंगी।
कुनाल की मौसेरी बहन ने अपील की कि वे नगढ़ंत कहानियां बनाकर दिवंगत लोगों के चरित्र का हनन न करें। जिन्होंने अपनी जान गंवा दी, उनसे जुड़ी गलत बातें मत फैलाइए। इस मुश्किल घड़ी में झूठी अफवाहें फैलाकर हमारी पीड़ा और मत बढ़ाइये। एक साथ अपने भाई, मौसी और मौसा को खोया है और इस दुख से गुजरना बेहद मुश्किल है।
उन्होंने लोगों से अपील की कि ऐसी परिस्थितियों में उन लोगों पर ऐसे आरोप न लगाए जाएं, जो उन्होंने कभी किए ही नहीं। परिवार का कहना है कि बिना पुष्टि के किसी भी दावे को सोशल मीडिया पर फैलाने से मृतकों और उनके परिजनों की पीड़ा और बढ़ती है।
Updated on:
27 Aug 2026 01:50 pm
Published on:
27 Aug 2026 01:48 pm
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