
सिया गोयल और केतन अग्रवाल की सगाई के दौरान की तस्वीर (Photo: X/@jayprakashindia)
Ketan Agrawal Murder Case: पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड में अब एक नया विवाद सामने आया है। केतन अग्रवाल के परिवार और उनके दोस्तों ने आरोप लगाया है कि मामले की आरोपी सिया गोयल को येरवडा महिला जेल में कथित तौर पर वीआईपी (VIP) ट्रीटमेंट और विशेष सुविधाएं दी जा रही हैं। परिवार ने जेल प्रशासन के अधिकारियों की भूमिका की जांच करने और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
केतन के परिवार ने जेल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि यह लड़ाई सिर्फ उनके बेटे को न्याय दिलाने के लिए नहीं, बल्कि कानून का डर कायम रखने के लिए भी है। कोई पैसों या रसूख के दम पर जेल में सुविधाएं न पा सके। परिवार ने येरवडा जेल में सिया गोयल को कथित तौर पर मिल रही सुविधाओं की तत्काल जांच कराने की मांग की है।
परिवार का कहना है कि यदि जेल के नियमों का उल्लंघन कर किसी आरोपी को विशेष सुविधाएं दी गई हैं तो इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ निलंबन समेत कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
सिया गोयल को कथित वीआईपी ट्रीटमेंट दिए जाने का आरोप सबसे पहले संगीता तिवारी के नेतृत्व वाले 'गुलाबो गैंग' और 'पायल तिवारी बिटिया फाउंडेशन' की ओर से उठाया गया था। इन संगठनों ने इस मुद्दे को लेकर पुणे के मार्केट यार्ड और सिया गोयल के घर के बाहर दो दिनों तक प्रदर्शन भी किया। उन्होंने मांग की कि यदि आरोपी को जेल में किसी तरह की अनुचित सुविधा दी जा रही है तो उसे तुरंत बंद किया जाए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाए।
वहीं, रिपब्लिकन सोशलिस्ट पार्टी समेत कुछ स्थानीय राजनीतिक संगठनों ने भी परिवार की मांग का समर्थन किया है। इन संगठनों ने जेल में कथित वीआईपी ट्रीटमेंट के आरोपों की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है।
राजनीतिक संगठनों ने पुलिस से भी मामले की जांच बिना किसी बाहरी दबाव के तय समय में पूरी करने और अदालत में मजबूत सबूतों के साथ जल्द से जल्द आरोपपत्र दाखिल करने की मांग की है।
केतन अग्रवाल के परिवार को जल्द न्याय दिलाने के लिए मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराकर दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग भी की गई है। साथ ही, जेल में आरोपी को कथित तौर पर दी जा रही सुविधाओं की उच्चस्तरीय जांच और दोषी पाए जाने वाले जेल अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है।
लोहगढ़ किले में केतन अग्रवाल की मौत के मामले में आरोपी सिया गोयल और चेतन चौधरी फिलहाल येरवडा सेंट्रल जेल में बंद हैं। इससे पहले अदालत ने पुलिस की ओर से रिमांड बढ़ाने की मांग को खारिज कर दिया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए महाराष्ट्र सरकार ने इसकी सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराने को मंजूरी दी है।
18 जून को 26 वर्षीय केतन अग्रवाल लोहगढ़ किले से करीब 400 फीट गहरी खाई में गिर गए थे। शुरुआत में इस घटना को हादसा माना गया था। हालांकि, पुणे ग्रामीण पुलिस की जांच के बाद इसे कथित तौर पर सुनियोजित हत्या का मामला बताया गया।
पुलिस के अनुसार, केतन को खाई में धक्का देने की कथित साजिश उनकी मंगेतर सिया गोयल और उसके प्रेमी चेतन चौधरी ने मिलकर रची थी। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि केतन और सिया की 19 फरवरी को सगाई हुई थी और दोनों की शादी नवंबर में होने वाली थी।
पुलिस का दावा है कि सिया अक्टूबर 2025 से चेतन चौधरी के साथ रिश्ते में थी और वह केतन से शादी नहीं करना चाहती थी। इसी वजह से दोनों ने कथित तौर पर केतन को रास्ते से हटाने की साजिश रची।
अब इस मामले में जहां परिवार जल्द न्याय की मांग कर रहा है, वहीं येरवडा जेल में सिया गोयल को कथित वीआईपी सुविधाएं दिए जाने के आरोपों ने एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। इन आरोपों पर जेल प्रशासन की ओर से स्पष्ट प्रतिक्रिया सामने आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह साफ हो सकेगी।
Updated on:
27 Aug 2026 02:18 pm
Published on:
27 Aug 2026 02:13 pm
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