
बालासाहेब ठाकरे और उद्धव ठाकरे (Photo: FB)
मुंबई के गोरेगांव स्थित नेस्को सेंटर में गुरुवार शाम में मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे नीत शिवसेना की दशहरा रैली हुई। इस रैली में वरिष्ठ शिवसेना नेता रामदास कदम का भाषण सबसे ज्यादा चर्चा में रहा, जिसमें उन्होंने उद्धव ठाकरे पर तीखे हमले किए। कदम ने अपने भाषण में कहा कि बालासाहेब ठाकरे के निधन के बाद मातोश्री में जो घटनाएं हुईं, उनका खुलासा होना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि, “शिवसेना प्रमुख का निधन कब हुआ? उनका पार्थिव शरीर दो दिन मातोश्री में क्यों रखा गया? उनका वसीयतनामा किसने बनाया और उस पर हस्ताक्षर किसके थे?”
कदम ने दावा किया कि उस समय वे मातोश्री में मौजूद थे और उन्हें सारी अंदर की बातें पता हैं। उन्होंने कहा, हम मातोश्री के नीचे बैठे थे। मैं आठ दिन तक मातोश्री की बेंच पर सोया था। मुझे सब कुछ समझ में आ रहा था, लेकिन यह सब किस लिए हो रहा था? किसी ने कहा कि बाला साहेब ठाकरे के निधन के बाद उनके हाथों के निशान लिए गए। यह हाथों के निशान किस लिए गए थे? उस समय मातोश्री में इन्हीं बातों की चर्चा चल रही थी।" उन्होंने आरोप लगाया कि बालासाहेब के जाने के बाद उन्होंने (उद्धव ठाकरे) उन नेताओं को खत्म करने का काम किया।
शिवसेना (उबाठा) प्रमुख उद्धव ठाकरे पर सीधा निशाना साधते हुए कदम ने कहा, “आप हमें क्या सिखाएंगे? शिवसेना हमने खड़ी की, जेल हम गये, और आज हमें ही खत्म करने का काम आपने किया। आपने मनोहर जोशी को दरकिनार किया, दिवाकर रावते को हाशिये पर धकेला, गजानन कीर्तीकर और रामदास कदम को खत्म किया और यहां तक कि एकनाथ शिंदे के भी पीछे पड़े... आपको क्या चाहिए था? बालासाहेब के साथ 50 साल खड़े रहने वाले नेताओं को आपने एक-एक कर खत्म किया।”
मराठी मानुष के मुद्दे को उठाते हुए कदम ने कहा, “आज मराठी आदमी सिर ऊंचा करके जी रहा है तो वह सिर्फ बालासाहेब ठाकरे की वजह से। लेकिन उद्धवजी, आपके हाथ में 30 साल मुंबई महानगरपालिका (BMC) रही, फिर भी मराठी मानुष को सम्मान नहीं मिला। गिरगांव में हमारी मिलें थीं। वहां अब पचास-साठ मंजिला इमारतें खड़ी हो गईं, लेकिन उनमें एक भी मराठी व्यक्ति नहीं है। आपने तीस साल तक केवल प्रतिशत की राजनीति की।”
दशहरा रैली खत्म होने के बाद मीडिया से बात करते हुए रामदास कदम ने अपने आरोपों को दोहराया। इस दौरान पत्रकारों ने उनसे सवाल किया कि आपको यह जानकारी किसने दी कि बाला साहेब ठाकरे का निधन दो दिन पहले ही हो गया था? इस पर रामदास कदम ने कहा, “बाला साहेब ठाकरे के बारे में मैंने जो बयान दिया, वह जानकारी मुझे उन्हीं डॉक्टरों ने दी थी जिन्होंने उनका इलाज किया था। मातोश्री में भी इसी तरह की चर्चा हो रही थी। अभी बहुत कुछ बाकी है, हम धीरे-धीरे सबकुछ सामने लाएंगे। यह तो बस शुरुआत है।”
शिवसेना नेता रामदास कदम के इन बयानों ने दशहरा रैली का माहौल और भी गरम कर दिया। उनके भाषण के बाद एक बार फिर शिंदे गुट और उद्धव गुट की शिवसेना आमने-सामने आ गई है।
Updated on:
03 Oct 2025 11:01 am
Published on:
03 Oct 2025 10:43 am
बड़ी खबरें
View Allमुंबई
महाराष्ट्र न्यूज़
ट्रेंडिंग
