
उद्धव ठाकरे और संजय राउत (Photo: IANS)
Shiv Sena Uddhav Thackeray: शिवसेना (शिंदे गुट) सांसद नरेश म्हस्के ने उद्धव ठाकरे गुट के सांसद संजय राउत पर बेहद गंभीर और चौंकाने वाले आरोप लगाए हैं। ठाणे से सांसद म्हस्के ने दावा किया कि राउत ने उद्धव को मुख्यमंत्री बनने से रोकने के लिए मुंबई के पवई स्थित एक होटल में शिवसेना के विधायकों की बैठक कराई थी। उन्होंने दावा किया कि शिवसेना (यूबीटी) के वरिष्ठ नेता खुद राज्य का मुखिया बनना चाहते थे।
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के करीबी नरेश म्हस्के ने दावा किया कि होटल में बैठक के दौरान संजय राउत ने पार्टी विधायकों से उद्धव ठाकरे का विरोध करने और उनके बजाय उनका (संजय राउत) नाम आगे करने की मांग की थी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बैठक के दौरान राउत ने उद्धव ठाकरे और उनकी पत्नी रश्मि ठाकरे के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया था।
म्हस्के ने ये आरोप आज नई दिल्ली में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान लगाए। हालांकि, इन आरोपों पर अभी तक संजय राउत की कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
सांसद नरेश म्हस्के ने आरोप लगाया कि राज्यसभा की उम्मीदवारी घोषित होने में देरी से संजय राउत उद्धव ठाकरे से नाराज थे। उन्होंने दावा किया कि उस समय राउत ने उद्धव ठाकरे और रश्मि ठाकरे के खिलाफ अपशब्दों का इस्तेमाल किया था।
म्हस्के ने कहा कि पवई के होटल में हुई बैठक में राउत ने शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव के खिलाफ जमकर बयानबाजी की थी। उनके मुताबिक, राउत की नाराजगी केवल मुख्यमंत्री पद को लेकर नहीं थी, बल्कि पार्टी के भीतर अपनी राजनीतिक स्थिति को लेकर भी थी।
शिवसेना सांसद ने दावा किया कि उद्धव ठाकरे ने मुख्यमंत्री बनने के बाद भी उनके भाई को मंत्री पद नहीं दिया। इसके अलावा राज्यसभा की उम्मीदवारी देने में देरी को लेकर भी संजय राउत उद्धव ठाकरे से नाराज थे और यह बात शिवसेना के लोगों को पता थी।
म्हस्के ने अपने पुराने राजनीतिक घटनाक्रम का जिक्र करते हुए कहा कि वह एकनाथ शिंदे के साथ जाने वाले पहले जिला प्रमुख थे। 2022 में बगावत की सुगबुगाहट के बाद जब उद्धव ठाकरे ने उन्हें फोन किया था, तब उन्होंने साफ तौर पर कहा था कि वह सीएम आवास 'वर्षा' बंगले पर नहीं आएंगे।
म्हस्के के मुताबिक, उन्होंने उद्धव ठाकरे से कहा था कि एकनाथ शिंदे के साथ अन्याय हुआ है, उसे पहले सही किया जाना चाहिए, क्योंकि पार्टी को उनकी जरूरत है।
नरेश म्हस्के ने राज्यसभा सांसद संजय राउत पर अविभाजित शिवसेना को अपने नियंत्रण में लेने की कोशिश करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राउत का उद्धव ठाकरे के प्रति प्रेम दिखावटी है। उन्होंने आरोप लगाया कि उद्धव के मुख्यमंत्री बनने का विचार संजय राउत ने ही उनके दिमाग में डाला था और इसके परिणामस्वरूप महाराष्ट्र को एक असफल मुख्यमंत्री मिला। उन्होंने दावा किया कि राउत ने एकजुट शिवसेना को कमजोर करने का काम किया।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि संजय राउत का मकसद पार्टी को अपने नियंत्रण में लेना और बाद में उसे कांग्रेस में विलय करना था। म्हस्के ने कहा कि शिवसैनिकों के अपमान और पार्टी के टूटने का 'पाप' राउत को भुगतना पड़ेगा।
नरेश म्हस्के ने संजय राउत को खुली चुनौती भी दी। उन्होंने कहा कि एकनाथ शिंदे के खिलाफ लगाए गए आरोपों के समर्थन में कम से कम एक शिकायत पत्र सार्वजनिक किया जाए। अगर राउत शिंदे के खिलाफ शिकायत का एक भी पत्र दिखा देते हैं तो ठीक है, लेकिन अगर ऐसा नहीं कर सकते तो उन्हें सांसद पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि जब एकनाथ शिंदे ने अलग राजनीतिक रुख अपनाया था, तब संजय राउत उनसे फोन पर क्या-क्या बातें करते थे, यह भी राउत को खुद सार्वजनिक करना चाहिए।
लोकसभा सांसद नरेश म्हस्के के इन आरोपों के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर उद्धव ठाकरे गुट और एकनाथ शिंदे गुट के बीच जुबानी जंग तेज होने की संभावना है। म्हस्के ने एक के बाद एक कई गंभीर आरोप लगाए हैं, लेकिन संजय राउत की ओर से इन पर फिलहाल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
Updated on:
12 Aug 2026 03:49 pm
Published on:
12 Aug 2026 03:27 pm
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
