
मुजफ्फरनगर: विश्व भर में 14 फरवरी को मनाए जाने वाले प्रेमियों के लिए खास दिन वैलेंटाइन-डे को लेकर एक बार फिर मुजफ्फरनगर चर्चाओं में है। दरअसल शहर में शिव सैनिकों ने रविवार को वेलेंटाइन-डे का विरोध करने के लिए लठ्ठ पूजन कार्यक्रम किया। शिव सैनिकों का कहना है कि पश्चिमी सभ्यता को यहां बिल्कुल नहीं पनपने दिया जाएगा।
उन्होंने एलान करते हुए कहा कि 14 फरवरी को अगर कोई भी व्यक्ति या युवक-युवतिया शहर में किसी रेस्टोरेंट या होटल में वेलेंटाइन-डे मनाते पाए गए या मनचले लड़कों ने इस दिन छेड़खानी की तो शिवसेना उनकी लठ्ठ से खबर लेगी। यही नहीं शिव सैनिकों ने होटल व रेस्टोरेंट स्वामियों को भी चेतावनी दी है कि 14 फरवरी को इस तरह का कार्यक्रम अपने प्रतिष्ठान पर ना मनाएं, जिसमें अश्लीलता व फूहड़ता परोसी जाती हो। वेलेंटाइन-डे को लेकर मुजफ्फरनगर में एक बार फिर शिवसैनिक विरोध में उतर आए हैं, जिसके चलते आज रविवार को शिव सैनिकों ने प्रकाश चौक स्थित अपने पार्टी कार्यालय पर लठ्ठ पूजन किया। ये लठ्ठ पूजन शिव सैनिकों ने उन लोगों के लिए किया है, जो 14 फरवरी को वैलेंटाइन-डे की आड़ में फूहड़ता और अश्लीलता प्रदर्शन करते हैं।
शिवसेना के पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रमुख ललित मोहन शर्मा ने बताया कि वे बालिग यूवक-युवतियों के प्यार के खिलाफ नहीं हैं और ना ही उसका विरोध करते हैं। मगर वेलेंटाइन-डे की आड़ में कुछ मनचले युवतियों से छेड़खानी करते हैं। शिव सैनिकों का कहना है कि मनचले वेलेंटाइन-डे को छेड़छाड़ और अश्लीलता का लाइसेंस मान लेते हैं।
वेलेंटाइन-डे पश्चिमी सभ्यता की परंपरा है, जिसे उत्तर प्रदेश में नहीं मनाने दिया जाएगा। खासकर मुजफ्फरनगर में तो बिल्कुल नहीं। इसी का विरोध करते हुए उनके कार्यकर्ताओं ने लठ्ठ पूजन किया है, जिसका उद्देश्य है कि 14 फरवरी को कुछ युवक-युवतियां वेलेंटाइन-डे के नाम पर फूहड़ता और अश्लीलता का नाच करते पाए गये तो उसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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हमारे कार्यकर्ता 14 फरवरी को रेस्टोरेंट, होटलों और पार्कों पर नजर रखेंगे। अगर कहीं इस तरह का मामला मिला तो उसकी लठ्ठ से खबर ली जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने होटल व रेस्टोरेंट स्वामियों को भी चेतावनी दी है कि वे भी इस तरह के कार्यक्रम का आयोजन अपने प्रतिष्ठान पर न करें। वरना उन्हें भी नुकसान उठाना पड़ सकता है। अब देखना होगा कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा हाल ही में दिए गए उस फैसले का जिसमें बालिग युवक-युवतियों को आजादी से कहीं भी रहने और जाने और कुछ भी करने का अधिकार है मगर इसके बावजूद भी शिव सेना की इस चेतावनी को पुलिस और प्रशासन किस नजरिए से देखता है।

Published on:
11 Feb 2018 06:55 pm
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