
नागौर। राजस्थान के नागौर जिले में हाईटेंशन लाइन के टूटे तार की चपेट में आने से बाइक सवार तीन युवक जिंदा जल गए। हादसा भावंडा थाना क्षेत्र के मुंदियाड़ गांव में रविवार को हुआ। तीन युवकों की मौेत के बाद गुस्साए ग्रामीण धरने पर बैठ गए। मांगें पूरी नहीं होने तक शवों को नहीं उठाने पर अड़ गए। हालांकि, देर रात ग्रामीणों और प्रशासन के बीच समझौता हुआ। सभी मागों पर सहमति बनने के बाद ग्रामीणों का धरना खत्म हो गया है।
दरअसल, भावंडा थाना क्षेत्र के मुंदियाड़ गांव में रविवार दोपहर एक ही परिवार के तीन लोग बाइक से खेत पर जा रहे थे। तभी गांव से करीब डेढ किलोमीटर दूर बीच रास्ते में 11 केवीए की विद्युत लाइन का तार गिरा हुआ था, जिसका एक हिस्सा खेत की मेड़ पर लटका था। तार नजर आता तब तक मोटरसाइकिल चला रहे कालूराम के गले से तार चिपक गया। पलक झपकते ही हाइटेंशन लाइन की चपेट में आने से तीनों की तड़प-तड़पकर मौत हो गई। मृतकों की पहचान मुंदियाड़ निवासी पीथाराम, कालूराम देवासी व जेठाराम देवासी के रूप में हुई। तीनों एक ही परिवार के थे।
हादसे की जानकारी मिलने पर मुंदियाड़ सहित आसपास के गांवों के ग्रामीणों की मौके पर जुट गए। जिसने भी ये मंजर देखा रुह कांप उठी। तीन के शव बुरी तरह जल चुके थे। वहीं, बाइक भी पूरी तरह जल गई थी। इस हादसे के बाद ग्रामीणों में रोष व्याप्त है।
ग्रामीण डिस्कॉम के लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए धरने पर बैठ गए। वहीं देर रात हुए समझौते में मृतक परिवार को 15-15 लाख रुपए की सहायता देने, एक-एक सदस्य को डिस्कॉम में संविदा पर नौकरी देने, जेइएन व लाइनमैन को निलम्बित करने एवं राज्य सरकार से विशेष आर्थिक पैकेज दिलाने पर सहमति बनी।
नागौर अधीक्षण अभियंता ने कहा कि देर रात हुई वार्ता में सभी मांगों पर सहमति बन गई। जिस बिजली लाइन से हादसा हुआ है, वो डिस्कॉम ने नहीं खींची है, इसकी जांच करवाएंगे।
Published on:
24 Mar 2025 09:13 am
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