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बड़े भाई की चिता की आग ठंडी भी नहीं हुई थी कि छोटे भाई ने भी तोड़ा दम

किसी की जिंदगी में परेशानी का दौर कम होने का नाम नहीं लेता है। ग्राम पंचायत ओलादन के भुणास की ढाणी निवासी आशा कंवर पर ऐसी ही विपदा का पहाड़ टूटी है।
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After elder brother the younger brother also died

दधवाड़ा/नागौर। किसी की जिंदगी में परेशानी का दौर कम होने का नाम नहीं लेता है। ग्राम पंचायत ओलादन के भुणास की ढाणी निवासी आशा कंवर पर ऐसी ही विपदा का पहाड़ टूटी है। पिछले वर्ष पति रामसिंह की मौत के बाद वह अपने बेटों 15 वर्षीय ओमसिंह व 13 वर्षीय लालसिंह का किसी तरह पालन-पोषण कर रही थी।

दोनों भाई रविवार को छापला गांव में अपने मामा की शादी में शामिल होने के बाद बाइक से गांव लौट रहे थे। नोखा चांदावता और दधवाड़ा मार्ग पर पिकअप ने उन्हें चपेट में ले लिया। हादस में बाइक सवार बड़े बेटे लालसिंह की मौके पर मौत हो गई, जबकि छोटे बेटे ओमसिंह को गम्भीर हालत में जोधपुर रैफर किया गया। इधर लाल सिंह की चिता ठंडी भी नहीं हुई कि सोमवार को ओमसिंह ने भी जोधपुर में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। यह खबर सुनते ही गांव सहित आसपास के क्षेत्र के लोगों की आंखें नम हो गई।

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दोनों मासूमों के भरोसे काट रही थी जिंदगी
गमगीन माहौल में मंगलवार को ओमसिंह का अंतिम संस्कार किया तो ग्रामीणों की आंखों से आंसू छलक पड़े । विधवा आशा कंवर के दोनों बेटों के दुनिया से जाने के बाद जीवन निराशा में बदल गया है। वह इन मासूमों के भरोसे ही जिंदगी काट रही थी। उसके जीने का आखिरी सहारा भी काल ने छीन लिया। आशा कंवर पुत्रों के गम में बार-बार बेहोश हो रही थी। घर में बुजुर्ग सास ही उसका सहारा है। कुछ युवाओं ने मंगलवार को परिवार के लिए सहायता के लिए सोशल मीडिया पर अभियान चलाया है।

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