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नागौर में नाम वापसी के बाद तस्वीर साफ, मूण्डवा व रियां में त्रिकोणीय मुकाबला

नगर निकाय चुनाव 2026 : नागौर सहित 7 निकायों में आमने-सामने की टक्कर, बहुमत के लिए कांग्रेस-भाजपा के साथ आरएलपी भी जुटी जोड़-तोड़ में
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नामांकन वापस लेती रमा सांखला व मौजूद भाजपा के पदाधिकारी

नामांकन वापस लेती रमा सांखला व मौजूद भाजपा के पदाधिकारी

नागौर. नगर निकाय चुनाव में शुक्रवार को नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के साथ ही अध्यक्ष पद के चुनाव की तस्वीर साफ हो गई है। जिले की 9 नगर निकायों में अब कुल 20 प्रत्याशी मैदान में हैं। इनमें मूण्डवा और रियां बड़ी नगर पालिका में त्रिकोणीय मुकाबला होगा, जबकि शेष सात निकायों में अध्यक्ष पद के लिए दो-दो प्रत्याशियों के बीच सीधी टक्कर है। नाम वापसी के बाद अब राजनीतिक दलों ने बहुमत जुटाने के लिए पार्षदों को साधने की कवायद तेज कर दी है। खासकर भाजपा और कांग्रेस के साथ आरएलपी भी अपने पक्ष में समर्थन जुटाने के लिए सक्रिय है।

मूण्डवा में आरएलपी-भाजपा के सामने निर्दलीय चुनौती

मूण्डवा नगर पालिका में आरएलपी की अलका कंदोई और भाजपा की गीता मुण्डेल के बीच मुकाबले में पूर्व पालिकाध्यक्ष घनश्याम सदावत के निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में मैदान में रहने से मुकाबला त्रिकोणीय हो गया है। यहां भाजपा के पास 10, आरएलपी के 7, कांग्रेस के तीन तथा निर्दलीय पार्षदों की संख्या 5 है, जबकि बहुमत के लिए 13 वोट चाहिए। ऐसे में पालिकाध्यक्ष का चुनाव काफी रोचक हो गया है, क्योंकि घनश्याम सदावत भाजपा के टिकट पर पार्षद का चुनाव जीते हैं, लेकिन पालिकाध्यक्ष के लिए टिकट नहीं मिलने पर उन्होंने निर्दलीय ताल ठोकी है।

रियां बड़ी में भी त्रिकोणीय मुकाबला

रियां बड़ी नगर पालिका में आरएलपी के गिरधारीलाल माली, भाजपा के जगदीश और निर्दलीय सुनील कुमार चौहान मैदान में हैं। ऐसे में यहां भी तीनों प्रत्याशियों के बीच मुकाबला होगा। निकाय के परिणाम में किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलने की स्थिति में अध्यक्ष पद के लिए जोड़-तोड़ की राजनीति महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

7 निकायों में सीधी टक्कर

बासनी नगर पालिका में आरएलपी के मोहम्मद इमरान और कांग्रेस के शौकत अली आमने-सामने हैं। डेगाना में कांग्रेस के गिरधारीराम के सामने भाजपा के राधाकिशन हैं। जायल में कांग्रेस की कमलेश और निर्दलीय सुशीला के बीच मुकाबला है। कुचेरा में भाजपा के अजयपाल चौधरी और कांग्रेस के तेजपाल मिर्धा के बीच सीधी टक्कर होगी। मेड़ता सिटी में भाजपा की कंचन देवी सांखला और कांग्रेस की नाज परवीन आमने-सामने हैं। मेड़ता रोड में भाजपा की तुलसी देवी और कांग्रेस की पूजा बंजारा के बीच मुकाबला होगा। वहीं नागौर नगर परिषद में भाजपा की संतोष टाक और कांग्रेस के दीपक सैनी अध्यक्ष पद के लिए आमने-सामने हैं।

12 प्रत्याशियों ने वापस लिए नामांकन

नाम वापसी के अंतिम चरण में जिले की विभिन्न निकायों से 12 प्रत्याशियों ने अपने नामांकन वापस लिए। इसमें बासनी से खुर्शीद अहमद, मोहम्मद अदील और मोहम्मद तारीक ने नाम वापस लिया। जायल से गीता, कुचेरा से पुखराज तथा मेड़ता सिटी से इंदुबाला, प्रेमलता और राधा ने नामांकन वापस लिया। इसी प्रकार मेड़ता रोड से राजू देवी और सुपारी सपेरा तथा नागौर नगर परिषद से रमा सांखला ने नाम वापस लिया। रियां बड़ी से कालू खां ने भी अपना नामांकन वापस ले लिया। इसके बाद अब अध्यक्ष पद की चुनावी तस्वीर स्पष्ट हो गई है।

अब पार्षदों के समर्थन पर नजर

अध्यक्ष पद के लिए प्रत्याशियों की संख्या भले ही कम हो गई हो, लेकिन कई निकायों में असली मुकाबला पार्षदों के समर्थन को लेकर रहेगा। खासकर जहां किसी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला है, वहां अध्यक्ष पद के प्रत्याशियों की जीत-हार का फैसला पार्षदों के रुख से तय होगा। ऐसे में नाम वापसी के बाद अब राजनीतिक दलों का पूरा फोकस बहुमत के आंकड़े तक पहुंचने और अपने प्रत्याशी के पक्ष में पार्षदों को लामबंद करने पर है।

निर्विरोध के प्रयास नहीं हुए सफल

नागौर नगर परिषद में भाजपा से जुड़े लोगों सभापति का चुनाव निर्विरोध कराने का प्रयास किया, लेकिन सफल नहीं हुए। कांग्रेस प्रत्याशी दीपक सैनी का नामांकन उठवाने के लिए माली समाज के प्रमुख लोगों ने भी सैनी परिवार से संपर्क साधा, लेकिन दीपक नहीं माने। भाजपा नेताओं ने रमा सांखला का नामांकन वापस लेने के बाद नगर परिषद कार्यालय में 3 बजे तक दीपक सैनी का इंतजार किया, लेकिन वे नहीं आए।

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