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ऐसा क्या हुआ कि निजी हॉस्पिटलों ने भामाशाह योजना में लाभान्वितों का इलाज करने से किया मना

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नागौर

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Rajesh

Aug 08, 2018

meating

नागौर.

बीएसबीवाई (भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना) योजना में लाभान्वितों के क्लेम मिलने से नाराज निजी हॉस्पिटल संचालकों की मंगलवार को सीएमएचओ के साथ हुई वार्ता फेल हो गई। भुगतान नहीं मिलने तक जिले भर में हॉस्पिटल संचालकों ने भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना के लाभान्वितों का इलाज करने से साफ इंकार कर दिया। हालांकि सीएमएचओ ने यह कहकर समझाने का प्रयास किया कि व्यवस्था के तहत जल्द ही उनका भुगतान कर दिया जाएगा। इसके बाद भी चिकित्सक नहीं माने, और चले गए। बीएसबीवाई योजना में लाभान्वितों के क्लेम मिलने में बीमा कंपनी की ओर से अड़ंगा लगाए से नाराज निजी हॉस्पिटल संचालकों ने मंगलवार को सीएमएचओ डॉ. सुकुमार कश्यप से मुलाकात की। भुगतान लंबित होने से जुड़े बिंदुओं पर चर्चा के दौरान सीएमएचओ कश्यप ने कहा कि भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना के लाभान्वितों का इलाज जारी रखें, उनकी समस्याओं का समाधान निश्चित रूप से कर दिया जाएगा।

निजी अस्पतालों की ओर से डॉ. प्रवीण प्रजापत, डा. रणवीरसिंह, डॉ हापूराम चैधरी, डॉ. रामलाल कृषक डॉ. सुरेश बिश्नोई डॉ. रामकिशोर डोगीवाल व डॉ. बीएस घोड़ावत आदि ने सीएमएचओ डॉ. सुकुमार कश्यप से स्पष्ट रूप से कहा कि इलाज में उनका व्यय होता है, और व्यवस्था में लगे कर्मियों को भी वेतन देना होता है। दवाओं आदि अन्य संसाधनों की व्यवस्था असमय भुगतान में होने वाले विलंब की वजह से बिगडऩे लगी है। इसलिए वह भुगतान नहीं मिलने तक अपने निर्णय पर अडिग हैं।

लाइव फोटो के नाम पर परेशान किया जा रहा
निजी हॉस्पिटल संचालकों का कहना था कि भामाशाह लाभान्वितों की संख्या अत्याधिक होने के साथ ही भुगतान राशि का आंकड़ा भी लाखों में पहुंच गया है। अब क्लेम कंपनी की ओर से लाइव फोटो के नाम पर परेशान किया जा रहा है। इस तरह के करीब आधा दर्जन प्रकरणों के उदाहरण भी दिए। बातचीत के दौरान योजना से सम्बद्ध निजी अस्पतालों के संचालकों ने कैशलेस ईलाज के एवज में न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी की ओर से क्लेम के भुगतान में होने वाले विलंब और अधिक संख्या में केस रिजेक्ट किए जाने की समस्या बताई गई। इस पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. कश्यप ने निजी अस्पतालों के संचालकों से कहा कि उन्हें बीएसबीवाई में किए गए कैशलेस ईलाज से संबंधित मांगे जाने वाले तथ्यों पर आपति हैं तो वह राज्य स्तर पर सीधे अपील कर सकते हैं। ताकि उनकी समस्या का समाधान समय पर हो सकें।

प्रकरण के जल्द ही निराकरण करने के निर्देश
एपु्रव्ड क्लेम के भुगतान में विलंब को लेकर सीएमएचओ ने न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी की नागौर शाखा के प्रबंधक आर. डी मीणा से प्रकरणों का निस्तारण जल्द किए जाने के लिए कहा। एनएचएम के डीपीएम राजीव सोनी ने निजी अस्पतालों के संचालकों को बताया कि बीएसबीवाई में निजी अस्पतालों व बीमा कंपनी के बीच किसी प्रकरण को लेकर विवाद है तो इसका निस्तारण मुख्य कार्यकारी अधिकारी बीएसबीवाई राजस्थान की अध्यक्षता में गठित कमेटी ही कर सकती है। इसलिए वे इस संबंध में कमेटी के स्तर पर परिवेदना दायर कर सकते हैं।

गड़बड़ाई चिकित्सा व्यवस्था
निजी हॉस्पिटलों की ओर से बीएसबीवाई के लाभान्वित पात्रों का इलाज नहीं किए जाने के कारण चिकित्सकीय व्यवस्था प्रभावित होने लगी है। जिले भर में दर्जनों की संख्या में रोगी तो निजी अस्पताल पहुंच रहे हैं, लेकिन उनका इलाज नहीं होने से उन्हें बैरंग लौटना पड़ रहा है। हालात यही रहे तो फिर स्थिति विकट हो जाएगी। इस संबंध में सीएमएचओ डॉ. सुकुमार कश्यप ने बताया कि निजी हॉस्पिटल संचालकों की ओर से जल्द ही शुरू करने के लिए आश्वस्त किया गया है।