
Amit Shah in Nagaur : Chairs remained empty in the bjp kisan sammelan
केन्द्रीय मंत्री सीआर चौधरी व पार्टी पदाधिकारियों के भरोसे रहा किसान सम्मेलन, जिले के विधायकों का नहीं मिला सहयोग
पत्रिका पंच
नागौर. जिला मुख्यालय पर मंगलवार को आयोजित अजमेर व नागौर जिले शक्ति केन्द्र सम्मेलन व किसान सम्मेलन में जिला स्टेडियम व पशु प्रदर्शनी स्थल पर लगाए गए डोम में कुर्सियां खाली रह गईं। हालांकि जिला स्टेडियम में आयोजित शक्ति केन्द्र सम्मेलन में अपेक्षित पार्टी कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारियों को ही बुलाया गया था, जिनकी संख्या करीब 3600 थी, जिसके हिसाब से ही बैठक व्यवस्था की गई थी, इसके बावजूद कुर्सियां खाली रह गईं, जिससे राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा रही कि भाजपा से खुद पार्टी कार्यकर्ता ही खुश नहीं है, इसलिए कई लोग सम्मेलन में भाग लेने नहीं पहुंचे। हालांकि स्थानीय कार्यकर्ताओं ने सम्मेलन में अध्यक्ष शाह के पहुंचते ही पीछे खाली रही कुर्सिंयों को एकत्र कर दिया, ताकि यह नहीं लगे कि कार्यकर्ता कम रहे। इससे भी बुरी स्थिति पशु प्रदर्शनी में आयोजित किसान सम्मेलन की रही, जहां भारी-भरकम डोम एवं उसके आसपास लगाए गए टेंट में किसानों, कार्यकर्ताओं के साथ आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं आदि के लिए कुर्सियां लगाई गईं, लेकिन डोम के पूर्वी दिशा में लगभग सारी कुर्सियां खाली रह गईं। इसी प्रकार डोम के पीछे की साइड में भी कुर्सियां खाली रहीं, जिन्हें देखकर विपक्षी पार्टियों ने कहा कि भाजपा के कुछ ही दिन शेष रहे हैं।
कार्यक्रम के समय पहुंचे जिले के विधायक
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष का दो जिलों के कार्यकर्ताओं एवं किसानों का सम्मेलन होने के बावजूद जिले के ज्यादातर विधायक मंगलवार को ही जिला मुख्यालय पर दिखे। स्थानीय विधायक हबीबुर्रहमान को अलावा दोनों कार्यक्रमों की तैयारियों में पार्टी पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं के साथ अकेले केन्द्रीय मंत्री सीआर चौधरी मशक्कत करते दिखे। पीडब्लयूडी मंत्री यूनुस खान भी सोमवार शाम को पहुंचे, जबकि सहकारिता मंत्री तो मंगलवार को सीधे सम्मेलन में ही नजर आए।
कांग्रेस ने कहा - शाह का शो फ्लॉप
जिला किसान, खेत, मजदूर कांग्रेस के जिलाध्यक्ष भंवरलाल खुडख़ुडिय़ा ने कहा कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह का नागौर दौरा फ्लॉप साबित हुआ। सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग करने के बावजूद भीड़ नहीं जुट पाई, इससे यह साबित होता है कि जनता भाजपा से परेशान हो चुकी है। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में आंनगबाड़ी कार्यकर्ताओं के साथ अन्य कर्मचारियों को भी बुलाया गया, लेकिन फायदा नहीं हुआ। अध्यक्ष शाह से किसान बड़ी घोषणा की उम्मीद जता रहे थे, लेकिन उन्होंने न तो बछड़ों के परिवहन पर रोक हटाने को लेकर कुछ कहा और न ही तांगा दौड़ के बारे में कुछ कह सके। पेट्रोल, डीजल की बढ़ती कीमतों के साथ बढ़ रही महंगाई से जनता को राहत देने की बात करने की बजाय शाह पुराने राग अलाप कर चले गए।
Published on:
18 Sept 2018 10:53 pm
