
Commissioner Anita Birda with Chairman Santosh Tak at the Municipal Council meeting.
21 अक्टूबर से 6 नवंबर तक 60 वार्डों में सफाई, अधिकारियों से लेकर सफाई कर्मचारियों तक की जिम्मेदारी तय
नागौर. शहर में सफाई व्यवस्था की बदहाली, नालों में जमा कचरे और सडक़ों पर फैलते सीवरेज के गंदे पानी को लेकर राजस्थान पत्रिका में खबर प्रकाशित होने के बाद नगर परिषद हरकत में आई है। सभापति संतोष के निर्देश पर शहर के 60 वार्डों में विशेष सफाई अभियान का कार्यक्रम जारी किया गया है। सभापति ने सफाई व्यवस्था सुधारने के लिए वार्डवार अभियान चलाने और संबंधित कार्मिकों की जिम्मेदारी तय करने के निर्देश दिए हैं। 21 अक्टूबर से 6 नवंबर तक चलने वाले अभियान में प्रतिदिन 4 वार्डों में सफाई कराई जाएगी। अब देखना होगा कि इस पहल से शहरवासियों को गंदगी और सीवरेज की समस्या से कितनी राहत मिलती है।
तय तारीखों पर होगी वार्डवार सफाई
नगर परिषद के 16 अक्टूबर को जारी आदेश के अनुसार 21 अक्टूबर को वार्ड 1 से 4, 22 अक्टूबर को वार्ड 5 से 8, 23 अक्टूबर को वार्ड 9 से 12 और 24 अक्टूबर को वार्ड 13 से 16 में सफाई होगी। इसके बाद 26 अक्टूबर को वार्ड 17 से 20, 27 अक्टूबर को 21 से 24, 28 अक्टूबर को 25 से 28 और 29 अक्टूबर को 29 से 32 में अभियान चलेगा। 30 अक्टूबर को वार्ड 33 से 36, 31 अक्टूबर को 37 से 40, 2 नवंबर को 41 से 44, 3 नवंबर को 45 से 48, 4 नवंबर को 49 से 52, 5 नवंबर को 53 से 56 और 6 नवंबर को 57 से 60 में सफाई होगी। अभियान का समय दोपहर 3 से शाम 5 बजे तक निर्धारित है।
अधिकारियों-कर्मचारियों को सौंपी जिम्मेदारी
आदेश में संबंधित अधिकारियों, सहायक अभियंताओं, स्वच्छता निरीक्षकों, कार्यवाहक जमादारों और सफाई कर्मचारियों को अभियान में भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। कचरा उठाने और परिवहन के लिए संबंधित संवेदकों को आवश्यक वाहन और संसाधन उपलब्ध कराने होंगे। सीवरेज लाइन से जुड़े कार्यों के लिए संबंधित संवेदक को भी जिम्मेदारी सौंपी गई है।
रोजाना काम के फोटो होंगे अपलोड
अभियान की निगरानी के लिए एसबीएम इंजीनियर सुशील कुमार फुलफुकार को प्रतिदिन किए गए कार्यों के फोटो अपलोड करने और प्रस्तुतीकरण जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। इससे अभियान के दौरान हुए कार्यों की जानकारी उपलब्ध रहेगी। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सफाई कार्य पूरा करवाना संबंधित कार्मिकों की जिम्मेदारी होगी।
सीवरेज और नालों की समस्या
शहर के बी रोड, सलेऊ रोड और बीआर गार्डन सहित विभिन्न इलाकों में सीवरेज चैंबर अवरुद्ध होने, अधूरी लाइन और गंदे पानी की निकासी नहीं होने से लोगों को परेशानी होती रही है। नालों में कचरा जमा होने से भी सफाई व्यवस्था प्रभावित होती है। ऐसे में अभियान के दौरान केवल कचरा उठाने के बजाय निकासी और सीवरेज से जुड़ी समस्याओं का समाधान करना भी जरूरी होगा। राजस्थान पत्रिका में मुद्दा उठने के बाद परिषद ने कार्यक्रम बनाया है, लेकिन अभियान की सफलता मौके पर होने वाले काम और लोगों को मिलने वाली राहत से ही तय होगी।
Updated on:
16 Oct 2026 09:50 pm
Published on:
16 Oct 2026 09:50 pm
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