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राजस्थान में तीन राज्यों के राज्यापाल ने जैन आचार्य नित्यानंद सूरीश्वर का किया अभिनंदन, जनवरी में पद्मश्री पुरस्कार की हुई थी घोषणा

राजस्थान के नागौर जिले में जैनाचार्य नित्यानंद सूरीश्वर का चातुर्मास चल रहा है। तीन दिवसीय अभिनंदन समारोह एवं क्षमापना संक्रांति महोत्सव में राजस्थान, पंजाब और बिहार के राज्यपाल ने आचार्य का अभिनंदन किया।

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नागौर

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Kamal Mishra

Sep 16, 2025

Jain Acharya Nityananda Surishwar

जैन आचार्य के अभिनंदन समारोह में शामलि तीन राज्यों के राज्यपाल (फोटो-पत्रिका)

नागौर। जैन समाज के आचार्य नित्यानंद सूरीश्वर को पद्मश्री मिलने के उपलक्ष्य में आयोजित तीन दिवसीय समारोह के अंतिम दिन मंगलवार को अभिनंदन समारोह एवं क्षमापना संक्रांति महोत्सव मनाया गया। इस मौके पर राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े, पंजाब के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया और बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने आचार्य नित्यानंद सूरीश्वर को अभिनंदन पत्र सौंपा। गौरतलब है कि भारत सरकार ने जैनाचार्य को इस साल जनवरी माह में पद्मश्री पुरस्कार देने की घोषणा की थी।

इस मौके पर समारोह को संबोधित करते हुए पद्मश्री जैन संत नित्यानंद सूरीश्वर ने कहा कि यह सम्मान मेरा नहीं है, यह पूरे संत समाज का सम्मान है। यह उस परम्परा की प्रतिष्ठा है, जिसको मैंने चुना। उन्होंने कहा कि संतों के मन में जन-जन के कल्याण की भावना निहित है। मैंने कभी सम्मान के लिए काम नहीं किया। संत तो पथ प्रदर्शक होते हैं। साधु का जीवन समाज को सही दिशा देने के लिए होता है। यह सम्मान मुझे हमेशा जीवन भर यह संकल्प याद दिलाता रहेगा कि मैं मानव कल्याण व जनहित के लिए काम करता रहूं। उन्होंने कहा कि देश के सांसद और विधायक निष्काम भाव से काम करें तो जनता सुखी हो जाएगी।

आरिफ मोहम्मद खान ने बताया अपना सौभाग्य

इस मौके पर बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने कहा कि भारतीय समाज ने संतों से प्रेरणा ली है। सेवा और त्याग हमारे आदर्श हैं और जैनाचार्य में इन दोनों गुणों का संगम है। हमारा यह सौभाग्य है कि हम आपका सम्मान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज समाज में रंग, जाति व क्षेत्र के आधार पर अपने आप को श्रेष्ठ बताने की होड़ है। जबकि जैन दर्शन हमें 'जीयो और जीने दो' का संदेश दिया है। एक-दूसरे के प्रति स्वीकार्यता का भाव होना चाहिए।

पंजाब के राज्यपाल ने क्या कहा?

पंजाब के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया ने कहा कि मैं भी जैन समाज का श्रावक हूं। उन्होंने कहा कि जैनाचार्य ने 9 वर्ष की उम्र में दीक्षा ग्रहण कर जो मार्ग अपनाया, वो बहुत कठिन है। उन्होंने साधना और तप से अपने जीवन को निखारा है। आचार्य ने आत्मकल्याण के साथ मानव कल्याण के लिए काम किया है।

जैन धर्म आचरण शुद्धि से जुड़ा- हरिभाऊ बागड़े

राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े ले कहा कि जैन धर्म आचरण शुद्धि से जुड़ा है। क्षमापना पर्व अपने आप को जानने का पर्व है। उन्होंने कहा कि शब्द हमारी सम्पति है, इसका उपयोग सोच समझकर कर करें। शब्द का उपयोग फिजूल नहीं जाए।