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गहलोत सरकार को विधायक बेनीवाल ने घेरा, ट्विटर पर कसा तंज

बेनीवाल ने कहा- नैतिकता व सुप्रीम कोर्ट के निर्णय की पालना में बंगला खाली करवाने की बजाय वसुंधरा को तोहफे पर तोहफा दे रही है गहलोत सरकार

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नागौर. रालोपा संयोजक व खींवसर विधायक हनुमान बेनीवाल ने मंगलवार को कार्मिक विभाग द्वारा जारी आदेश से आईएएस अधिकारी को पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के विशेषाधिकारी लगाने पर सवालिया निशान खड़ा किया है। बेनीवाल ने कहा कि जहां प्रदेश के डिप्टी सीएम और वर्तमान मंत्रियों के विशिष्ठ सहायक व विशेष अधिकारी आरएएस अधिकारी लगते हैं, ऐसे में पूर्व मुख्यमंत्री के आईएएस अधिकारी को ओएसडी लगाना सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि इस तरह के निर्णय अशोक गहलोत सरकार के साथ उनकी गांधीवादी छवि पर भी सवालिया निशान खड़ा करता है।

विधायक ने कहा कि जिस तरह पूर्व मुख्यमंत्रियों को कैबिनेट मंत्री स्तर का आजीवन दर्जा देने का निर्णय पूर्व में हुआ, ऐसे निर्णयों को वापिस लेने के लिए सरकार को सदन में बिल लाना चाहिए और हमारी पार्टी इसके लिए मजबूती से आवाज उठाएगी। बेनीवाल ने गहलोत पर ट्विटर के माध्यम से तंज कसते हुए कहा कि राहुल गांधी के दौरे से पहले मुख्यमंत्री का इस तरह का निर्णय सरकार की साख पर सवालिया निशान खड़ा करता है व वसुंधरा राजे के साथ मिलीभगत को साबित करती है। बेनीवाल ने गहलोत सरकार ने मांग करते हुए कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री राजे से सिविल लाइंस में आवंटित बंगला खाली करवाना चाहिए और सुप्रीम कोर्ट के निर्णय की पालना करनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि पूर्व सीएम राजे ने अपने कार्यकाल में आवास पर 5 करोड़ से अधिक की सरकारी राशि खर्च की, उन्होंने कहा यदि जरूरत पड़ी तो रालोपा इसके लिए आंदोलन करेगी।