उन्होंने कहा कि अब तक किए गए कार्य की तुलना में दो गुना से अधिक राशि जारी की जा चुकी है, फिर भी काम धीमी गति से चल रहा है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि मंदिर निर्माण में धन की कमी नहीं आने दी जाएगी, लेकिन कार्य में तेजी आवश्यक है। जो कार्य तीन वर्षों में पूरा होना था, उसका दो वर्षों में नाममात्र का ही हिस्सा हो पाया है।