
फिजियोथेरेपी
नागौर. जिंदगी की भाग-दौड़ में न्यूरोलॉजिकल बीमारियां यानी नर्वस सिस्टम से जुड़ी समस्याएं लगातार बढ़ रही हैं। इनमें स्ट्रोक, पार्किन्सन डिजीज, मल्टीपल स्क्लेरोसिस, गिलियन बेरी सिंड्रोम, रीढ़ की हड्डी की चोटें और न्यूरोपैथी जैसी स्थितियां प्रमुख हैं। इन बीमारियों का असर सिर्फ मांसपेशियों और गतिशीलता पर ही नहीं, बल्कि रोगी के मानसिक स्वास्थ्य और जीवन की गुणवत्ता पर भी पड़ता है। लकवा और न्यूरोलॉजिकल बीमारियों में मरीज बिस्तर पर जीवनयापन करने को मजबूर हो जाता है, ऐसे मरीजों के लिए फिजियो थैरेपी वरदान से कम नहीं है। ऐसे मरीजों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए यह अत्यावश्यक इलाज है।
न्यूरोलॉजिकल बीमारियों में दर्द की समस्या
न्यूरोलॉजिकल बीमारियों से ग्रस्त मरीजों को अक्सर दो तरह के दर्द का सामना करना पड़ता है।
- न्यूरोपैथिक पेन : साइटिका स्लिपडिस्क् जलन, झुनझुनी, सुन्नपन या बिजली के झटके जैसा दर्द।
- मस्क्युलोस्केलेटल पेन : कमर दर्द, गर्दन दर्द, सर्वाइकल का दर्द, लंबे समय तक व्हीलचेयर पर बैठने या गलत पोजिशन में रहने से पीठ, कंधे और घुटनों में दर्द। यह दर्द कई बार इतना बढ़ जाता है कि मरीज के चलने-फिरने और दैनिक कार्य करने की क्षमता पर गहरा असर डालता है।
फिजियोथेरेपी का महत्व
न्यूरो फिजियो डॉ. राजकुमार बारोडिया ने बताया कि दवाओं के साथ फिजियोथेरेपी इन बीमारियों के इलाज और दर्द कम करने में बेहद कारगर साबित होती है। फिजियोथेरेपी न केवल दर्द को कम करती है, बल्कि शरीर को फिर से सक्रिय करने, आत्मनिर्भर बनाने और जीवन की गुणवत्ता सुधारने में भी मदद करती है। अगर किसी मरीज को साइटिका स्लिप डिस्क के लिए सर्जरी की सलाह दी गई है, वह यदि न्यूरो फिजियो थैरेपी से इलाज करवाता है तो बिना सर्जरी भी ठीक हो सकता है।
प्रमुख फिजियोथेरेपी उपचार
- न्यूरो-रिहैबिलिटेशन एक्सरसाइज : स्ट्रोक और रीढ़ की चोट के बाद शरीर की मूवमेंट व बैलेंस को पुन: प्राप्त करने के लिए।
- पेन मैनेजमेंट थेरेपी: शोकवेव थैरेपी, अल्ट्रासाउंड, लेसरथैरेपी जैसी तकनीकों से दर्द और झुनझुनी को कम करना।
- स्ट्रेचिंग और स्ट्रेंथनिंग एक्सरसाइज़: जकडऩ कम करने और मांसपेशियों को मजबूत बनाने के लिए।
- गेट ट्रेनिंग: वॉकर या अन्य उपकरणों की मदद से मरीज को फिर से चलना सिखाना।
- पोश्चर करेक्शन: लंबे समय तक बैठने या लेटने से होने वाली जकडऩ व दर्द को कम करने के लिए सही मुद्रा की ट्रेनिंग।
सेरेब्रल पाल्सी के उपचार में फिजियोथेरेपी का विशेष योगदान
भारत में सेरेब्रल पाल्सी उपचार में अधिक विशिष्ट स्वास्थ्य सेवा की उपलब्धता के साथ काफी सुधार हुआ है और अच्छी तरह से प्रशिक्षित विशेषज्ञ फिजियोथेरेपी सेरेब्रल पाल्सी उपचार में एक प्रमुख भूमिका निभाता है। सेरेब्रल पाल्सी थेरेपी को मांसपेशियों में अकडऩ, दर्द से राहत और विभिन्न विशेष अभ्यासों के माध्यम से गतिशीलता में सुधार में मदद करने के लिए जाना जाता है। सेरेब्रल पाल्सी में फिजियोथेरेपी का मुख्य उद्देश्य सेरेब्रल पाल्सी वाले बच्चे को उनकी क्षमता के अनुसार पूर्ण फिटनेस और स्वतंत्रता प्राप्त करने में मदद करना है। - डॉ. दुलाराम बुगलिया, फिजियोथेरेपिस्ट, जेएलएन अस्पताल, नागौर
Published on:
08 Sept 2025 11:18 am
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