
पैर में प्लास्टर बंधने के बाद विधायक मुकेश भाकर ( फोटो-पत्रिका)
डीडवाना। कस्टोडियन भूमि किसानों को आवंटित करने की मांग को लेकर चल रहे धरना प्रदर्शन के दौरान सोमवार को पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग किया। इस दौरान कांग्रेस विधायक मुकेश भाकर का पैर टूट गया। सभा के बाद कलक्टर को ज्ञापन सौंपने के दौरान विधायक सहित अन्य नेता कलेक्ट्रेट में प्रवेश करने की कोशिश कर रहे थे, तभी पुलिस ने बल प्रयोग किया और विधायक का गिरने से पैर टूट गया।
गिरने के बाद उनके समर्थक विधायक को निजी अस्पताल ले गए। वहां पैर पर प्लास्टर करने के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई।
प्रदर्शन व घेराव किसान संघर्ष समिति व अखिल भारतीय किसान सभा के बैनर तले किया गया। कलक्ट्रेट के मुख्य द्वार के बाहर सभा कर नेताओं व किसानों ने विरोध दर्ज कराया।
दरअसल, सभा के बाद बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि किसानों के साथ कलक्टर को ज्ञापन देने के लिए कलक्ट्रेट में घुसने लगे। उन्हें पुलिस ने बैरिकेड लगाकर रोक दिया। इस दौरान प्रदर्शनकारी और पुलिस आमने -सामने हो गए। पुलिस के बल प्रयोग करने पर लाडनूं विधायक मुकेश भाकर नीचे गिर गए। उनका एक पैर फ्रैक्चर हो गया। इससे नाराज सभी लोग धरने पर बैठ गए। काफी देर चली नारेबाजी के बाद प्रतिनिधिमंडल के कलक्टर से मिलने पर सहमति बनी। किसानों की मांगों को लेकर प्रतिनिधिमंडल ने कलक्टर को मांग पत्र सौंपा ।
भारत पाक विभाजन के दौरान 1947 में बड़ी संख्या में मुस्लिम परिवार पाकिस्तान चले गए थे। उनके पलायन के बाद डीडवाना के लगभग 19 गांवों में उनकी जमीनों को कस्टोडियन भूमि घोषित कर दिया गया। इन जमीनों को पिछले दिनों जिला प्रशासन ने अपने संरक्षण में लेना शुरू किया था। इसको लेकर धरना प्रदर्शन शुरू किया गया। प्रदर्शन में पूर्व राज्यसभा सांसद वृंदा करात, सीकर सांसद अमराराम, पूर्व विधायक चेतन डूडी, पूर्व विधायक बलवान पूनिया, भागीरथ यादव, भागीरथ नेतड़ सहित अन्य नेताओं ने आमसभा को संबोधित किया।
Updated on:
27 Oct 2025, 8:42 PM IST
Published on:
27 Oct 2025, 8:42 PM IST
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