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आंनदपाल के गांव डीडवाना में किसानों ने भरी हुंकार, सरकार से नाराज़ किसानों ने उठाया बड़ा कदम, लगाए गंभीर आरोप

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नागौर

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rohit sharma

Jul 24, 2018

farmer protest

farmer protest

डीडवाना ।

राजस्थान के किसान सरकार से नाराज़ चल रहे हैं इसी नारजगी के चलते नागौर जिले के डीडवाना में किसानों का अनिश्चिकालीन धरना चल रहा है। चुनावी साल में किसानों का सरकार से यूं नाराज़ होना आगामी चुनावों में भी गहरा असर डाल सकता है।


सरकार पर लगे गंभीर आरोप

राज्य सरकार की ओर से सहकारी बैंकों से किसानों को ऋण देने में मनमानी करने तथा फसल बीमा क्लेम में कथित भ्रष्टाचार के विरोध में डीडवाना के उपखंड कार्यालय के बाहर अखिल भारतीय किसान सभा के आह्वान पर किसानों द्वारा दिया जा रहा अनिश्चिकालीन धरना आज दूसरे दिन भी जारी रहा। इस दौरान दूसरे दिन भी डीडवाना तहसील क्षेत्र के अनेकों किसान धरने पर बैठ रहे और सरकार विरोधी नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। साथ ही सरकार पर किसानों के साथ दोगलापन करने और समझौते से मुकरने का आरोप लगाया।


इस मौके पर उपस्थित किसानों को सम्बोधित करते हुए किसान सभा के जिला उपाध्यक्ष भागीरथ यादव ने कहा कि एक ओर सरकार किसानों की हितैषी बनने का दावा करती है, जबकि सरकार 13 सितम्बर को किसानों से हुए समझौते से मुकर रही है। उन्होंने कहा कि इस समझौते के तहत किसानों का 50 हजार रुपए तक कर्जा माफ करने के साथ ही प्रत्येक किसान को 50 हजार रुपए तक का ऋण देने का समझौता हुआ था। लेकिन नागौर का जिला प्रशासन व कॉ-ऑपरेटिव प्रशासन किसानों को 50 हजार का ऋण नहीं देकर मात्र 20 से 30 हजार का मामूली ऋण दे रहे हैं।


दोगलापन सरकार की आदत

यही नहीं जिन किसानों को कई सालों से ऋण दिया जा रहा है, उन्हें ही अबकी बार भी ऋण दिया जा रहा है, जबकि नए किसानों को ऋण से वंचित रखा जा रहा है। जबकि किसान सभा के जिलाध्यक्ष भागीरथ नेतड़ ने कहा कि किसानों के साथ दोगलापन करना सरकार व प्रशासन की आदत बन गई है। उन्होंने कहा कि किसानों को ऋण नहीं दिया जा रहा, वहीं भ्रष्टाचार का आलम यह है कि खरीफ 2017 के बीमा क्लेम में भारी अनियमितताएं है। इसके चलते कई किसानों को अब तक क्लेम नहीं मिला है। ना ही सरकार ने बजाज इंश्योरेंस कम्पनी को ब्लेक लिस्टेट घोषित किया है। जिससे किसान वर्ग उपेक्षित और असहाय महसूस कर रहा है।

उल्लेखनीय है कि किसान सभा ने यह धरना कल भी दिया था। देर शाम को अतिरिक्त जिला क्लक्टर ने किसानों को वार्ता के लिए बुलाया था, मगर मांगो पर सहमति नहीं बन पाने से किसानों ने आज भी धरना देकर विरोध जताया।