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Rajasthan Crime: महिलाओं को प्रधानमंत्री योजनाओं के नाम पर 2500 रुपए का लालच देकर ऐसे करते ठगी, 6 आरोपी गिरफ्तार

Rajasthan Police Big Action: राजस्थान के अजमेर में साइबर फ्रॉड गिरोह का भंडाफोड़ हुआ जो महिलाओं को प्रधानमंत्री योजनाओं के नाम पर 2500 रुपए का लालच देकर उनके दस्तावेज लेता था। आरोपी इन दस्तावेजों से फर्जी सिम और बैंक खाते खोलकर ठगी का नेटवर्क चलाते थे।

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गिरफ्तार आरोपियों की फोटो: पत्रिका

Cyber Fraud Gang Busted: राजस्थान में साइबर फ्रॉड पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान में जिला स्पेशल टीम व क्रिश्चियन गंज थाना पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए गुरुवार को साइबर फ्रॉड गिरोह का पर्दाफाश किया। पुलिस ने गिरोह के 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है और बड़ी संख्या मोबाइल सिम कार्ड, आधार, पैन कार्ड और ऑनलाइन भुगतान साउंड बॉक्स व अन्य उपकरण बरामद किए हैं।

सहायक पुलिस अधीक्षक (किशनगढ़ शहर) अजय सिंह राठौड़ ने बताया कि एसपी वंदिता राणा के निर्देश पर जिला स्पेशल टीम और क्रिश्चियन गंज थानाप्रभारी अरविंद सिंह चारण के नेतृत्व में कार्रवाई करते हुए फर्जी खाते खोलकर साइबर ठगी का शिकार बनाने वाले गैंग का पर्दाफाश किया है।

आरोपियों में डीडवाना, कुचामन, खुनखुना छोटी खाटू, फूलवाड़ी निवासी प्रकाश ओझा, छोटी खाटू आथूना बास निवासी राजकुमार वैष्णव, मकराना कालवा निवासी बजरंग नायक, नसीराबाद देरांठू निवासी राजू जाट, अजमेर रामगंज अशोक विहार निवासी नरेश माली और नसीराबाद सनोद निवासी नंदकिशोर मेघवंशी शामिल हैं। आरोपियों से पुलिस ने 6 मोबाइल फोन हैंडसेट, फिंगरप्रिंट मशीन, एयरटेल पेमेंट साउंड बॉक्स मय डाटा केबल, 13 सिम कार्ड, 13 आधार कार्ड, 5 पैन कार्ड और एक अल्टो कार जब्त की है। कार्रवाई में डीएसटी प्रभारी शंकर सिंह रावत व सिपाही मुकेश टांडी की विशेष भूूमिका रही।

राखी ने बताया कि 4 नवम्बर को उसके साथ 6 महिला व शारदा आई थी। जिनके आधार कार्ड, पेन कार्ड लेकर फोटो खींचने और अंगूठा लगवाने के दौरान उन्हें शक हुआ कि यह लोग जीओ कम्पनी में कस्टमर जोड़ने, कम्पनी की ओर से 2500 रुपए देने का प्रलोभन देकर सहमति के बिना उनके नाम से फर्जी मोबाइल सिमकार्ड जारी कर रहे हैं। उनका इस्तेमाल यह लोग लोगों के साथ धोखाधड़ी में कर सकते हैं। पीड़िता की शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर अनुसंधान शुरू कर दिया। पुलिस पड़ताल मे आया कि साइबर ठग गिरोह पहले नागौर जिले को टारगेट करते हुए लोगों के फर्जी तरीके से बैंक खाते खोलकर जालसाजों को मुहैया करवाते थे। नागौर में उनकी कलई खुलने लगी तो अजमेर के किशनगढ़, रूपनगढ़ क्षेत्र में जानकारों के जरिए लोगों को झांसे में लेकर शिकार बनाने लगे।

धोखाधड़ी का जाल

एएसपी राठौड़ ने बताया कि गिरोह का सरगना साथियों के जरिए जीओ कम्पनी में कस्टमर जोड़ने और प्रधानमंत्री के नाम से नकद इनामी स्कीम का लालच देकर दस्तावेज एकत्र करता था। उनसे 2000 व 2500 रुपए दिलाने का झांसा देकर आधार कार्ड, पैन कार्ड व फोटोग्राफ लेते थे। दस्तावेजों से आरोपी ना केवल उनके नाम से फर्जी मोबाइल सिम जारी करवाते थे। इसके बाद एयरटेल पेमेंट बैंक में खाते खोलकर साइबर ठगी का नेटवर्क संचालित करते थे। फर्जी खातों में साइबर ठगी की रकम का लेनदेन में करते थे।

पहले निवेश, फिर कमाते थे रकम

पड़ताल में सामने आया कि जालसाज प्रधानमंत्री के नाम इनामी स्कीम का लालच देकर महिलाओं को जाल में फांसते थे। बकायदा आरोपी महिलाओं को 2 से ढाई हजार रुपए का भुगतान भी स्वयं करते थे। फिर उनके नाम के खाते साइबर फ्रॉड को बेचकर मोटी कमाई करते थे। गनीमत रही कि 4 नवम्बर को किशनगढ़ से अजमेर आई महिलाओं को ठगे जाने की भनक लग गई। फिर उन्होंने क्रिश्चियन गंज थाने में शिकायत दी।

गत 4 नवम्बर को मदनगंज राजाखोड़ी निवासी राखी नायक(40) व शारदा जांगिड के साथ 6 महिलाएं क्रिश्चियनगंज थाने पहुंची। राखी ने रिपोर्ट में बताया कि परिचित नागौर निवासी बजरंग नायक ने उसे जीओ के लिए कस्टमर बनाने के लिए कहा। कस्टमर बनाने पर उसे भी पैसे दिलवा देंगे। बजरंग पर विश्वास कर दीपावली से 2-3 दिन पहले वह अजमेर आई। पुष्कर रोड निजी अस्पताल के पास में महिलाओं के दस्तावेज लेकर फोटो खींचकर ढाई-ढाई हजार रुपए दे दिए। फिर वह शारदा के साथ 8-10 दिन से मदनगंज से अलग-अलग महिलाएं लेकर आती रही। बजरंग, राजू, अनिता वैष्णव, राजू जाट, प्रकाश उनको माकड़वाली रोड पर थड़ी पर मिलते थे। जहां महिलाओं से आधार कार्ड, पैन कार्ड, फोटो लेकर महिला को ढाई हजार देते थे।