नागौर. सीमेंट कम्पनियों की मनमानी के खिलाफ मंगलवार को सरासनी, हरीमा, भदाणा, डेह, ईनाणा, रूपासर, मूण्डवा, भडाणा व खेरवाड़ के किसानों ने जिला मुख्यालय पर विरोध प्रदर्शन किया। किसानों ने पशु प्रदर्शनी स्थल से कलक्ट्रेट तक रैली निकालकर कलक्ट्रेट का घेराव किया तथा अपनी मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंपे। किसानों की मांगों में मुख्य रूप से स्थानीय लोगों को रोजगार देने, बढ़ी हुई दर से जमीन का मुआवजा देने, किसानों के बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा देने, अनुसूचित जाति के किसानों से भी जमीन खरीदी जाए तथा कम्पनी की स्थापना के बाद बढऩे वाले प्रदूषण से पडऩे वाले प्रभाव का आकलन कर पूर्व में ही उससे बचने के उपाय करने सहित अन्य मांगें शामिल की गई।
सरासनी, हरीमा, भदाणा, सोमणा, जिंदास व डेह के किसानों ने जेएसडब्ल्यू सीमेंट कम्पनी पर मनमर्जी का आरोप लगाते हुए कहा कि कम्पनी की गलत नीतियों के खिलाफ सरासनी गांव की सरहद पर आसपास के गांवों के किसान पिछले 3 माह से धरने पर बैठे हुए हैं। इतना लंबा समय बीत जाने के बाद भी प्रदेश की भाजपा सरकार एवं प्रशासन ने इस मामले के निस्तारण के लिए कोई गंभीरता नहीं दिखाई है। इस कारण किसानों की विभिन्न वाजिब मांगों के संबंध में कम्पनी व किसानों के बीच आज तक कोई सहमति नहीं बन पाई। आखिरकार मंगलवार को रालोपा नेता अनिल बारूपाल के नेतृत्व में श्रवण मेघवाल, भारतीय किसान संघ के रामप्रसाद डिडेल, ऊंटवालिया के जनप्रतिनिधि भंवरलाल गोदारा, पंचायत समिति सदस्य नाथूराम चांगल, नारायण बिडियासर, तिलोक खिलेरी, शैतानाराम, सीताराम मेघवाल, हनुमान भांबू, घिंसाराम छाबा, ओमप्रकाश भांबू, गोपाल मेघवाल, शैलेन्द्र सिंह, मुरलीधर, जगदीश मौर्य सहित सैकड़ों की संख्या में किसान धरना स्थल से वाहन रैली के रूप में नागौर पशु प्रदर्शनी सथल पहुंचे तथा जहां किसान नेताओं ने धरने को संबोधित कर सीमेंट कम्पनी के खिलाफ मजबूती से लड़ाई लडऩे का आह्वान किया। इसके बाद कलक्ट्रेट तक पैदल रैली निकाली गई। कलक्ट्रेट के सामने धरने पर बैठकर सीमेंट कम्पनी की हठधर्मिता, सरकार एवं प्रशासन की लापरवाही का विरोध जताया। इस दौरान बारूपाल ने धरने पर बैठे किसानों के साथ पुलिस प्रशासन के रवैए पर नाराजग़ी जताई और कहा कि पुलिस प्रशासन की ओर से धरने पर बैठे किसानों को बार बार धरना उठाने का दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने जायल से चुनी हुई मौजूदा विधायक सरकार में मंत्री है, इसके बावजूद क्षेत्र के किसानों की सुनवाई नहीं हो रही है, जबकि उन्होंने चुनाव प्रचार के दौरान जनता के सुख-दु:ख में साथ खड़ी रहने का वादा किया था। इसका खमियाजा यहां के किसानों को भुगतना पड़ रहा है। काफी देर तक प्रदर्शन करने के बाद किसानों ने जिला कलक्टर अरुण कुमार पुरोहित को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। जिस पर कलक्टर ने उनकी मांगों का जल्द ही निस्तारण करवाने का आश्वासन दिया। वहीं किसानों ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही हमारी मांगें नहीं मानी गई तो बड़ा आंदोलन करेंगे। इस दौरान ईनाणा, रूपासर, मूण्डवा, भडाणा व खेरवाड़ के किसानों ने भी कलक्टर को ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगों से अवगत करवाया।