
मच्छर
नरसिंहपुर. कोरोना से बचाव के साथ-साथ मच्छरजनित बीमारियों से बचाव के उपाय शुरू कर दिए गए हैं। इसके तहत मलेरिया नियंत्रण विभाग ने इस बीमारी से लोगों को बचाने के लिए जिले के चिन्हित 58 पोखरों, तालाबों में तकरीबन 50 हजार गंबूसिया मछली छोड़ा है। बताया जाता है कि गंबूसिया मछली मलेरिया को जन्म देने वाले मच्छरों का लार्वा नष्ट करती है। ऐसे में पहले चरण के बाद अब जल्द ही और 50 हजार मछलियों की खेप आनी जिन्हें अन्य तालाबों, पोखरों में छोड़ा जाएगा।
वैसे सरकारी आंकड़े बता रहे हैं कि कोरोना संक्रमण के साथ ही शुरूआत से लेकर जब तक लॉकडाउन चला तब तक आम आदमी से लेकर प्रशासन व स्वास्थ्य महकमा भी काफी सक्रिय रहा। साफ-सफाई से लेकर कीटनाशकों के छिड़काव, फागिंग, सेनेटाइजेशन आदि के चलते इस बार मच्छर जनित बीमारियों को बहुत ज्यादा पांव पसारने का मौका नहीं मिला। लेकिन हाल के दिनों में ये सारी गतिविधियां कम हुई हैं जिनसे मच्छरों के आतंक से लोग परेशान है। जहां तक मलेरिया रोग की बात है तो स्वास्थ्य महकमें के आंकड़ों के मुताबिक इस बार रोगी घटे हैं। स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि 11 महीने में अभी तक 27 मरीज ही मिले हैं जबकि बीते वर्ष मरीजों की संख्या 86 थी।
वैसे अब भी कोरोना संक्रमण के मद्देनजर आम आदमी स्वास्थ्य के प्रति खासा सजग है। लेकिन अपेक्षाओं के विपरीत स्वास्थ महकमें के इंतजामात नाकाफी हैं। आमजन तो बीमारियों से बचने के लिए इतने सावधान हैं कि हल्का सा भी कोई लक्षण दिखता है तो वो फौरन अस्पताल पहुंच जा रहे हैं। इसका नतीजा है कि जिले में मलेरिया रोगियों की संख्या 27 पर थमी है।
जिले में मलेरिया से प्रभावित होने वाले 274 गांवों में स्वास्थ विभाग ने बीते वर्ष करीब 1 लाख 58 हजार 900 मच्छरदानी का वितरण किया था, ताकि लोग मच्छरदानी के इस्तेमाल की आदत डालें और मच्छरजनित बीमारियों से बचे रहें। विभाग का कहना है कि जिले के चिन्हित तालाब, पोखरों में 1 लाख गंबूसिया मछली छोड़ने का लक्ष्य है। अभी 50 हजार ही छोड़ी गईं हैं और जल्द 50 हजार मछलियों की एक खेप आनी है। यह मछली सिवनी से मंगाई जातीं हैं। मलेरिया रोगी सर्वाधिक चीचली विकासखंड के गांवों में मिलते थे लेकिन इस बार वहां भी मरीजों की तादाद कम है। जनवरी से अब तक सिर्फ 27 मरीज मिलना लोगों की जागरूकता को दर्शाता है। वैसे इस बीच विभाग स्तर से मलेरिया ऑफ 200 दवा का वितरण भी हुआ। इसके नतीजे भी सकारात्मक रहे। यह दवा आयुष विभाग के जरिए बंटवाई गई।
डेंगू के दो मरीज
मलेरिया के साथ इस बार डेंगू के मरीज भी घटे हैं। पिछले वर्ष जिले में डेंगू के 11 और चिकिनगुनिया के 10 मरीज मिले थे। मलेरिया विभाग का कहना है कि डेंगू का एक मरीज जनवरी माह में ही मिला था। एक और मरीज बीते माह चिर्रिया में पाया गया। इसकी पुष्टि भोपाल एम्स में हुईं जांच में हुई थी। इलाज के बाद मरीज स्वस्थ है।
"50 हजार गंबूसिया मछली तालाबों, कुंडों में छुड़वाई गई हैं। 50 हजार और जल्द आने वाली हैं, जिन्हें चिन्हित पोखर, तालाबों, जलस्रोतों में छुड़वाया जाएगा। लोगों के स्वास्थ के प्रति सजगता से इस बार मलेरिया के रोगी कम मिल रहे हैं।"-डॉ. केएस राजपूत, जिला मलेरिया अधिकारी
Updated on:
18 Nov 2020 04:22 pm
Published on:
18 Nov 2020 04:22 pm
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