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राजकीय सम्मान से होगा स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती का अंतिम संस्कार, परमहंसी धाम पहुंचे CM शिवराज

-स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती के देवलोकगमन पर राजकीय शोक घोषित-राजकीय सम्मान से होगा स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती का अंतिम संस्कार-पालकी पर निकली स्वामी स्वरूपानंद की पालकी-परमहंसी धाम पहुंचे CM शिवराज, कलेक्टर को दिए दिशा-निर्देश-शंकराचार्य के दो उत्तराधिकारियों के नाम घोषित
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नरसिंहपुर

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Mohammad Faiz Mubarak

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Updated: 12 Sep 2022, 3:30 PM IST

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राजकीय सम्मान से होगा स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती का अंतिम संस्कार, परमहंसी धाम पहुंचे CM शिवराज

नरसिंहपुर. जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती जी महाराज के पार्थिव शरीर को नरसिंहपुर के झोतेश्वर आश्रम में ही आज समाधि दी जानी है। इसके लिए सभी तैयारियां पूरी की जा चुकी हैं।एक तरफ तो शंकराचार्य महाराज के शिष्यों की भीड़ लगातार आश्रम पहुंच रही है, तो वहीं दूसरी तरफ मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी अंतिम संस्कार में शामिल होने परमहंसी धाम पहुंच चुके हैं। इससे पहले एमपी के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल शंक्राचार्य को श्रद्धांजलि अर्पित करने आ चुके हैं। बताया जा रहा है कि, अंतिम संस्कार में देश की कई नामचीन हस्तियां शामिल होंगी। इसी के चलते पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा और व्यवस्था के मद्देनजर व्यवस्था कर ली है। आला अधिकारियों भी मौके पर मौजूद हैं।

इसी कड़ी में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने द्वारका शारदा पीठ के शंकराचार्य परम पूज्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती के ब्रह्मलीन होने पर प्रदेशभर के लिए एक दिवसीय राजकीय शोक घोषित किया है।शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती महाराज के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान परमहंसा दाम पहुंच चुके हैं। इस दौरान सीएम ने नरसिंहपुर कलेक्टर कार्ययोजना से जुड़े कई दिशा-निर्देश दिए हैं। साथ ही, सीएम ने ये भी कहा कि, संक्राचार्य का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा।

शंकराचार्य के दो उत्तराधिकारियों के नाम घोषित

शंकराचार्य के देवलोकगमन के बाद उनके उत्तराधिकारी का चयन बी कर लिया गया है। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को ज्योतिषपीठ बद्रीनाथ और स्वामी सदानंद को द्वारका शारदा पीठ का प्रमुख घोषित किया गया है। दोनों के नाम की घोषणा शंकरचार्य की पार्थिव देह के सामने की गई है।

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पालकी पर निकली स्वामी स्वरूपानंद की पालकी

शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती महाराज के ब्रह्मलीन होने के बाद लगातार नरसिंहपुर के झोतेश्वर स्थित मणिदीप आश्रम में महाराज श्री के अंतिम दर्शन करने के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ी है। भक्तों को महाराज के अंतिम दर्शन आसानी से हो सके इसके लिए महाराज के पार्थिव शरीर को सभी भक्तों के समक्ष पालकी पर रखा गया और यात्रा भी निकाली गई। इस दौरान झोतेश्वर स्थित मणिदीप आश्रम से कुछ ही दूरी पर महाराज की समाधि के लिए स्थान बना लिया गया है। समाधि स्थल का निरीक्षण उनके शिष्य स्वामी सदानंद जी महाराज के द्वारा किया गया। उन्होंने आगामी कार्यक्रम की जानकारी भी दी।