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त्रिपुरा : जम्मू से आए 10 बच्चे सहित 24 रोहिंग्या को पकड़ा, पूछताछ जारी

त्रिपुरा के उनाकोटी जिले में 24 रोहिंग्या प्रवासियों को हिरासत में लिया गया है। पुलिस ने बताया कि एक खुफिया सूचना पर कार्रवाई करते हुए सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने जितुर्दीघीपुर जांच द्वार पर तीन कारों को रोका। सूत्रों ने बताया कि इन सभी ने कैलाशहर में अंतरराष्ट्रीय सीमा के माध्यम से बांग्लादेश पार करने की योजना बनाई थी।
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नई दिल्ली

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Shaitan Prajapat

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Updated: 4 May 2022, 12:34 PM IST

police checking

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पिछले कुछ सालों में बड़ी संख्या में रोहिंग्या मुसलमान भारत में पहुंच चुके है। इन्हें रोकने के लिए काफी सख्ती बरती जा रही है। अलग अलग जगहों पर गिरफ्तारियां भी हो रही है। फिर भी सुरक्षा के लिए खतरा माने जाने वाले रोहिंग्या उत्तर-पूर्व से बंगाल, असम, झारखंड, बिहार और उत्तर प्रदेश होते हुए नेपाल सीमा तक पहुंच रहे हैं। त्रिपुरा के उनाकोटी जिले में 24 रोहिंग्या प्रवासियों को हिरासत में लिया गया है। पुलिस ने इसके बारे में जानकारी दे हुए कहा कि इनमें 10 बच्चे भी शामिल है। पुलिस का कहना है कि उन्हें नहीं पता कि इन लोगों को कहां जाना है। गौरतलब है कि 28 अप्रैल को उत्तरी त्रिपुरा जिले के धर्मनगर रेलवे स्टेशन के पास छह रोहिंग्या प्रवासियों को पकड़ा गया था।

तीन गाड़ियों में सवार थे 24 लोग
पुलिस ने बताया कि गुप्त सूचना मिलने के बाद सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) की एक टीम ने बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। बीएसएफ ने जितुर्दीघीपुर जांच द्वारा पर तीन गाड़ियों को रोका और तलाशी ली। पुलिस के अनुसार कारों में सवार लोग कुमारघाट से कैलाशाहार की ओर जा रहे थे। 10 बच्चे सहित 24 लोगों को हिरासत में लिया गया है।

अंतरराष्ट्रीय सीमा पार करने की थी योजना
पूछताछ के लिए इन सभी को कैलाशहर पुलिस स्टेशन ले जाया गया। बताया जा रहा है कि इन सभी ने कैलाशहर में अंतरराष्ट्रीय सीमा के माध्यम से बांग्लादेश पार करने की योजना बनाई थी। पुलिस और बीएसएफ की सर्तकता की वजह से रोर्हिग्या को पकड़ लिया गया है। इन सभी से पूछताछ की जा रही है।

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कहां जाना है, पता नहीं
पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान तीन लोगों ने संयुक्त राष्ट्र द्वारा जारी शरणार्थी कार्ड दिखाए। पुलिस का कहना है कि उन्हें नहीं पता कि इन लोगों को कहां जाना है। हालांकि, सूत्रों ने बताया कि इन सभी ने कैलाशहर में अंतरराष्ट्रीय सीमा के माध्यम से बांग्लादेश पार करने की योजना बनाई थी। पुलिस का कहना है कि सामान्य प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें मुक्त कर दिया जाएगा।

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