
Haryana farmers
Air pollution: दिवाली से पहले ही राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाको में वायु प्रदूषण काफी बढ़ गई है। वायु प्रदूषण के वैसे तो कई कारण है, लेकिन पराली जलाना भी इसका मुख्य कारण है। पंजाब और हरियाणा सरकार ने पराली जलाने पर रोक लगा रखी है, इसके बावजूद किसान मान नहीं रहे है। हरियाणा सरकार पराली चलाने वालों पर सख्त कार्रवाई कर रहा है। हरियाणा के फतेहाबाद जिले के टोहाना क्षेत्र के विभिन्न गांवों में फसल अवशेष जलाने के आरोप में 35 किसानों पर 87,500 रुपए जुर्माना किया गया है।
35 किसानों पर लगा 87,500 रुपए का जुर्माना
टोहाना के उप जिलाधिकारी (एसडीएम) प्रतीक हुड्डा ने शनिवार को बताया कि टोहाना, कन्हड़ी, समैन, अमानी, सिब्बलवाला, डाँगरा, हैदरवाला, फ़तेहपुरी, लालौदा, पारता, जमालपुर शेखा, गाजुवाला, धारसुल कलाँ, इंदाछुई, चंदडकलाँ, जापतेवाला, नन्हेडी, रताथेह के 35 किसानों पर धान की पराली जलाने पर यह जुर्माना लगाया गया है।
किसानों को किया जा रहा है जागरूक
एसडीएम ने कहा कि किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन करने के बारे में जागरूक किया जा रहा है। किसान धान की पराली से बेल और गाँठ बनाने का काम कर रहे है, लेकिन कुछ किसानों ने इसे जलाने का काम किया है उन पर कृषि विभाग ने जुर्माना लगाया है। उन्होंने किसानों से कहा कि वे पराली न जलाकर उसका प्रबंधन करे, इसके लिए सरकार भी उन्हें प्रोत्साहन दे रही है।
अवशेष जलाने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई
एसडीएम प्रतीक हुड्डा ने कहा कि धान कटाई के बचे अवशेष जलाने पर पूर्ण प्रतिबंध है। पराली में आग लगाने वाले किसानों पर सख्त कानूनी कार्रवाई और चालान/एफआईआर दर्ज की जा सकती है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे खेतों में पराली न जला कर इसके प्रबंधन के लिए सरकारी योजनाओं का लाभ उठाएं।
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Published on:
21 Oct 2023 07:21 pm
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