
नई दिल्ली स्थित इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे एक यात्री। (फाइल फोटो - आईएएनएस)
Air Suvidha 2.0 Portal Launch: अफ्रीका के कुछ हिस्सों में फैले इबोला वायरस के खतरे को देखते हुए भारत सरकार ने अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए निगरानी बढ़ा दी है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय और दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (DIAL) ने मिलकर 'एयर सुविधा 2.0' पोर्टल की शुरुआत की है। इस कॉन्टैक्टलेस डिजिटल पोर्टल का मुख्य उद्देश्य यात्रियों की तेजी से स्क्रीनिंग करना और इबोला से जुड़े किसी भी जोखिम की समय रहते पहचान करना है।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (DGHS) के सहयोग से तैयार यह नया पोर्टल पूरी तरह पेपरलेस और कॉन्टैक्टलेस है। इसके तहत अब विदेशों से भारत आने वाले सभी यात्रियों के लिए इमिग्रेशन क्लीयरेंस से पहले अनिवार्य रूप से ऑनलाइन 'हेल्थ सेल्फ-डिक्लेरेशन' फॉर्म जमा करना होगा।
इस फॉर्म में यात्रियों को अपने पिछले 21 दिनों की ट्रैवल हिस्ट्री (यात्रा का विवरण), किसी संक्रमित के संपर्क में आने का इतिहास और बीमारी से जुड़े संभावित लक्षणों की जानकारी देनी होगी। राहत की बात यह है कि भारत में लैंडिंग के बाद यात्रियों को एयरपोर्ट पर कोई भी कागजी फॉर्म नहीं भरना पड़ेगा जिससे आगमन की यह पूरी प्रक्रिया बेहद आसान और सुरक्षित हो जाएगी।
इस एयर सुविधा फॉर्म को भारत पहुंचने से 24 घंटे पहले तक ऑनलाइन भरा जा सकता है। सरकार ने यात्रियों से अपील की है कि वे फ्लाइट में सवार होने से पहले या वेब चेक-इन के दौरान ही इस फॉर्म को पूरा कर लें। एयरपोर्ट पर उतरने के बाद उन्हें सिर्फ डाउनलोड किया हुआ फॉर्म इंटरनेशनल ट्रैवल हेल्थ डेस्क या इमिग्रेशन काउंटर पर दिखाना होगा।
यह पोर्टल रियल-टाइम डेटा शेयरिंग तकनीक पर काम करता है। इसका मतलब यह है कि यात्रियों द्वारा भरा गया डेटा तुरंत एयरपोर्ट हेल्थ ऑफिसर, ब्यूरो ऑफ इमिग्रेशन, आईडीएसपी (IDSP) और राज्य के निगरानी अधिकारियों तक पहुंच जाएगा। इससे जोखिम वाले यात्रियों की पहचान तुरंत करने और उन्हें आगे रेफर करने में मदद मिलेगी, जबकि बाकी यात्रियों का सफर बिना किसी रुकावट के जारी रहेगा।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने बीती 17 मई को डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो और युगांडा में इबोला (बुन्दिबुग्यो वायरस बीमारी) के प्रकोप को देखते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय चिंता का सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित किया था।
मौजूदा वक्त में कांगो और युगांडा के साथ-साथ दक्षिण सूडान जैसे सीमावर्ती पड़ोसी देशों में इस खतरनाक वायरस के फैलने का जोखिम बहुत ज्यादा बना हुआ है। इसी गंभीर खतरे को देखते हुए भारत ने देश के एंट्री पॉइंट्स पर अपनी स्क्रीनिंग और निगरानी व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए 'एयर सुविधा 2.0' को समय रहते लागू कर दिया है।
Updated on:
25 Jun 2026 04:26 pm
Published on:
25 Jun 2026 03:53 pm
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