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बेंगलुरु में बुधवार को एक कंपनी के सर्वर को हैक करके लगभग 378 करोड़ रुपये की चोरी करने का मामला सामने आया है। कंपनी ने इसमें पार्ट टाइम नौकरी करने वाले एक कर्मचारी के शामिल होने का संदेह जताया है।
व्हाइटफील्ड साइबर अपराध, आर्थिक अपराध और नारकोटिक्स (सीईएन) पुलिस स्टेशन ने इस संबंध में मामला दर्ज किया है। बेंगलुरु के बेलंदूर के पास वैष्णवी टेक पार्क स्थित नेबिलो टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड ने शिकायत दर्ज कराई है।
लोक नीति एवं सरकारी मामलों के उपाध्यक्ष हरदीप सिंह ने शिकायत दर्ज कराई है। इस मामले में कंपनी के स्टाफ राहुल अग्रवाल की भूमिका संदिग्ध है। अब उसे पुलिस हिरासत में ले लिया गया है।
प्राथमिकी के अनुसार, कंपनी क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज और बिक्री के लिए एक ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के रूप में काम करती है। 19 जुलाई को लगभग सुबह 2:37 बजे, एक अज्ञात व्यक्ति ने कंपनी के वॉलेट को हैक कर लिया। उसमें से 1 USDT दूसरे खाते में ट्रांसफर कर दिया।
बाद में, लगभग सुबह 9:40 बजे, उसी व्यक्ति ने 40 मिलियन डॉलर (लगभग 378.95 करोड़ रुपये) अपने खाते में ट्रांसफर कर लिए। यह राशि बाद में छह अलग-अलग खातों में वितरित की गई।
हैकिंग की घटना और धनराशि के हस्तांतरण की जांच करने पर, कंपनी को पता चला कि कर्मचारी राहुल अग्रवाल द्वारा इस्तेमाल किए गए लैपटॉप के साथ छेड़छाड़ की गई थी।
पूछताछ करने पर, अग्रवाल ने कहा कि वह एक साल से कंपनी के साथ पार्ट टाइम काम कर रहा था। लैपटॉप का इस्तेमाल केवल कंपनी से जुड़े कार्यों के लिए करता था।
यह भी पता चला कि कंपनी की नीति का उल्लंघन करते हुए, लैपटॉप का इस्तेमाल गैर-आधिकारिक उद्देश्यों के लिए भी किया गया था। प्राथमिकी में कहा गया है कि राहुल अग्रवाल के इस अपराध में शामिल होने का संदेह है, संभवतः अन्य लोगों के साथ मिलीभगत से।
पुलिस ने राहुल अग्रवाल और अन्य के खिलाफ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66, 43, 66(सी) और 66(डी) के साथ-साथ बीएनएस अधिनियम की धारा 303, 316(4), 318(4) और 319(2) के तहत प्राथमिकी दर्ज की है।
एक अधिकारी ने बताया कि मामले की आगे की जांच जारी है और जैसे-जैसे जाँच आगे बढ़ेगी और अधिक जानकारी सामने आने की उम्मीद है। इन दिनों साइबर अपराध सबसे चुनौतीपूर्ण मुद्दों में से एक बना हुआ है।
पिछले कुछ वर्षों में कई लोग इसके शिकार हुए हैं और अपनी मेहनत की कमाई गंवा बैठे हैं। हालांकि, अधिकारियों के अथक प्रयासों से कई मामले सुलझाए भी गए हैं और चोरी की गई बड़ी रकम भी बरामद की गई है।
Updated on:
31 Jul 2025 08:24 am
Published on:
31 Jul 2025 08:24 am
