
ब्रिक्स देशों के प्रतिनिधि आज हैरिटेज वॉक, ग्रामीण हाट बाजार और रजवाड़ा का दौरा करेंगे। (Photo- Patrika)
Brics Agricultural Meeting: मध्य प्रदेश के इंदौर में ब्रिक्स देशों का कृषि पर मंथन का दौर शुरू हो गया है। ब्रिक्स कृषि सम्मेलन के पहले दिन भारत और रूस के बीच द्विपक्षीय बैठक में कृषि व्यापार, खाद्य सुरक्षा और तकनीकी सहयोग को मजबूत करने पर सहमति बनी। चर्चा का केंद्र कृषि व्यापार के विस्तार, खाद्य आपूर्ति शृंखलाओं को सुदृढ़ बनाने, बाजार पहुंच बढ़ाने और सतत कृषि विकास को गति देने पर रहा। दोनों देशों ने कृषि नवाचार, आधुनिक तकनीकों के आदान-प्रदान और किसानों की आय बढ़ाने से जुड़े विषयों पर विचार साझा किए। साथ ही बदलती वैश्विक चुनौतियों के बीच खाद्य आपूर्ति तंत्र को अधिक मजबूत और प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया।
बैठक में जलवायु-लचीली खेती, संयुक्त अनुसंधान और तकनीकी सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी। कृषि अनुसंधान संस्थानों, वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों के बीच साझेदारी मजबूत करने की जरूरत रेखांकित की गई। स्मार्ट खेती, जल प्रबंधन, फसल उत्पादकता और टिकाऊ कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने कहा कि दोनों देशों की साझेदारी कृषि व्यापार, खाद्य सुरक्षा और सतत विकास लक्ष्यों को हासिल करने में अहम भूमिका निभाएगी।
ब्रिक्स देशों के प्रतिनिधि बुधवार को हैरिटेज वॉक, ग्रामीण हाट बाजार और रजवाड़ा का दौरा करेंगे। वे स्वदेशी उत्पादों, केले की खेती, बीज उत्पादन और जैविक कृषि से जुड़ी गतिविधियों से भी रूबरू होंगे।
अधिकारियों के अनुसार, ब्रिक्स एक बहुस्तरीय मंच है, जहां विभिन्न देशों के प्रतिनिधि अपने अनुभव साझा करते हैं और कृषि क्षेत्र से जुड़ी चुनौतियों के समाधान के लिए संयुक्त रणनीति तैयार करते हैं। बैठक में इस पर भी चर्चा हुई कि सभी सदस्य देशों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करते हुए कृषि क्षेत्र को और अधिक मजबूत कैसे बनाया जा सकता है।
वहीं भारत की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा गया कि देश की विशाल जनसंख्या और खाद्य सुरक्षा की आवश्यकताओं को देखते हुए कृषि क्षेत्र का महत्व और अधिक बढ़ जाता है। ऐसे में ब्रिक्स मंच पर कृषि सहयोग भारत के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है।
Published on:
09 Jun 2026 11:42 pm
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