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BRICS Summit: ईरान को लेकर अमेरिका को कड़ा संदेश, भारत में शी जिनपिंग ने दे दिया बड़ा बयान

BRICS SUMMIT: ब्रिक्स समिट 2026 में पीएम मोदी और शी जिनपिंग की मुलाकात हुई। 12 साल बाद दिल्ली आए जिनपिंग ने अमेरिका को बड़ा संदेश दिया।
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भारत

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Mukul Kumar

Sep 12, 2026

Xi Jinping Brics Summit

ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग। (फोटो- IANS)

नई दिल्ली में चल रहे ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच अहम मुलाकात हुई। दोनों नेताओं ने भारत-चीन संबंधों को और मजबूत करने पर जोर दिया।

शी जिनपिंग ने साफ कहा कि दोनों देश अलग-अलग हैं, लेकिन एक-दूसरे की मदद से आगे बढ़ सकते हैं। उन्होंने याद दिलाया कि पिछले 12 साल में यह उनकी दिल्ली की दूसरी यात्रा है और दोनों नेताओं की 20 से ज्यादा मुलाकातें हो चुकी हैं। इन मुलाकातों से कई महत्वपूर्ण बातें तय हुई हैं।

क्या बोले जिनपिंग?

शी ने कहा कि भारत और चीन दुनिया के सबसे ज्यादा आबादी वाले देश हैं और ग्लोबल साउथ का हिस्सा हैं। इसलिए पूरी दुनिया के भविष्य के लिए दोनों की बड़ी जिम्मेदारी है।

मुलाकात के शुरू में प्रधानमंत्री मोदी ने शी जिनपिंग का स्वागत करते हुए कहा कि भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के दौरान चीन से मिले सहयोग के लिए वे आभार जताते हैं। पीएम मोदी ने शी के ब्रिक्स समिट में दिए गए सकारात्मक बयान की भी तारीफ की। दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय सहयोग के कई मुद्दों पर चर्चा की।

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव पर चिंता

इससे पहले ब्रिक्स देशों ने नई दिल्ली घोषणा 2026 को सर्वसम्मति से स्वीकार किया। घोषणा में पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव पर गहरी चिंता जताई गई। सभी देशों से संयम बरतने और ऐसी कार्रवाई न करने की अपील की गई जिससे स्थिति और बिगड़ जाए।

घोषणा में नागरिकों और नागरिक सुविधाओं की सुरक्षा पर जोर दिया गया। साथ ही वैश्विक व्यापार, सप्लाई चेन और ऊर्जा की सुचारू आवाजाही बनाए रखने की बात कही गई।

अमेरिका को कड़ा संदेश

शी जिनपिंग ने ब्रिक्स समिट में भी पश्चिम एशिया के युद्ध पर टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि इस युद्ध से क्षेत्र के लोगों को भारी नुकसान हो रहा है और यह अंतरराष्ट्रीय समुदाय के हित में नहीं है। इस बीच, उन्होंने अमेरिका को भी कड़ा संदेश दिया।

उन्होंने ईरान युद्ध को लेकर राजनीतिक समाधान और स्थायी युद्धविराम की मांग की। चीन ने अगले साल ब्रिक्स की अध्यक्षता संभालने और 19वें समिट की मेजबानी करने की घोषणा भी की। शी ने कहा कि वे सबके साथ मिलकर ब्रिक्स सहयोग का तीसरा सुनहरा दशक शुरू करना चाहते हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने समिट में वैश्विक शासन व्यवस्था में सुधार के लिए 10 सूत्रीय सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि ग्लोबल साउथ अब सिर्फ नियम मानने वाला नहीं, बल्कि नियम बनाने वाला बने।