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West Bengal Politics: ‘पार्टी के अंदर भरोसा नहीं…’ चिराग पासवान का ममता बनर्जी पर बड़ा हमला, बंगाल में गरमाई सियासत

Chirag Paswan,: बागडोगरा में चिराग पासवान ने बंगाल की राजनीति को लेकर कई अहम दावे किए। उन्होंने सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन से लेकर सामाजिक सौहार्द और विकास की दिशा तक का खाका सामने रखा।
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भारत

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Manoj Vashisth

Sep 19, 2026

Chirag Paswan

Chirag Paswan : ममता बनर्जी पर चिराग पासवान का सबसे बड़ा वार! बोले- ‘पार्टी के अस्तित्व पर मंडरा रहा खतरा’ (फोटो सोर्स: ANI)

Election Commission Bengal: बागडोगरा में केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान के बयान ने पश्चिम बंगाल की सियासत में नई बहस छेड़ दी है। उन्होंने तृणमूल कांग्रेस के भीतर कथित असंतोष, पुराने नेताओं की अनदेखी और भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर ममता बनर्जी पर तीखे सवाल उठाए। साथ ही उन्होंने राज्य में केंद्र और राज्य की एक ही राजनीतिक धुरी वाली सरकार को विकास के नए दौर से जोड़ते हुए कहा कि अभी कार्यकाल के कुछ ही महीने बीते हैं, लेकिन आगे बड़े बदलाव दिखाई देंगे।

बागडोगरा में चिराग पासवान ने बंगाल की राजनीति को लेकर कई अहम दावे किए। उन्होंने सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन से लेकर सामाजिक सौहार्द और विकास की दिशा तक का खाका सामने रखा।

West Bengal Politics: बंगाल की सियासत पर चिराग का वार, सरकार के कामकाज पर भी बड़ा दावा

पश्चिम बंगाल की राजनीति में इन दिनों पार्टी संगठन से लेकर चुनावी समीकरण तक कई मुद्दे चर्चा के केंद्र में हैं। इसी बीच केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने बागडोगरा में ममता बनर्जी और उनकी पार्टी तृणमूल कांग्रेस को लेकर तीखी टिप्पणी की। पासवान ने आरोप लगाया कि लंबे समय से राज्य में हिंसा और भ्रष्टाचार का माहौल रहा है, जिसका असर अब पार्टी के अंदर भी दिखाई दे रहा है।

समाचार एजेंसी ANI के हवाले से सामने आए बयान में पासवान ने दावा किया कि तृणमूल कांग्रेस के भीतर भरोसे की कमी बढ़ी है और पार्टी के कुछ सांसद तथा नेता नेतृत्व से दूरी बना रहे हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ममता बनर्जी ने अपने करीबी सहयोगियों को आगे बढ़ाने की कोशिश में वरिष्ठ नेताओं को किनारे किया। उनके मुताबिक इसका असर संगठन की एकजुटता पर पड़ा है।

पासवान ने निर्वाचन आयोग और अन्य अधिकृत एजेंसियों की कार्रवाई का भी उल्लेख किया। हालांकि, इन राजनीतिक आरोपों को संबंधित पक्षों के जवाब और स्वतंत्र सत्यापन के संदर्भ में देखना जरूरी है। निर्वाचन आयोग ने 2026 में पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव कराए थे और चुनाव प्रक्रिया के दौरान हिंसा-मुक्त एवं निष्पक्ष मतदान के लिए व्यापक इंतजामों की जानकारी दी थी।

‘पांच महीने में शुरुआत, पांच साल में बड़ा बदलाव’

चिराग पासवान का दूसरा बड़ा फोकस राज्य में नई सरकार के कामकाज पर रहा। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य में एक ही गठबंधन की सरकार बनने के बाद प्रधानमंत्री ने पहली कैबिनेट बैठक में मंत्रियों को निर्देश दिया कि पश्चिम बंगाल में केंद्र की उन योजनाओं को जमीन पर उतारा जाए, जिनका अपेक्षित क्रियान्वयन पहले नहीं हो पाया था।

उन्होंने कहा कि सरकार को बने अभी करीब पांच महीने हुए हैं और आने वाले वर्षों में विकास की रफ्तार तेज होने की उम्मीद है। पासवान ने सामाजिक सौहार्द, विकास कार्यों में तेजी और केंद्र की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को आगे की प्राथमिकताओं से जोड़ा।

यह बयान ऐसे समय आया है जब पश्चिम बंगाल की राजनीति में संगठनात्मक बदलाव और चुनावी गतिविधियां लगातार सुर्खियों में हैं। निर्वाचन आयोग के रिकॉर्ड के अनुसार 2026 में राज्य विधानसभा चुनाव अप्रैल में दो चरणों में हुए थे और मतगणना 4 मई को हुई थी।

बंगाल की राजनीति में ताजा घटनाक्रम का एक और पहलू तृणमूल कांग्रेस से जुड़ा है। हालिया रिपोर्टों के मुताबिक निर्वाचन आयोग ने पार्टी से जुड़े नाम और चुनाव चिह्न विवाद पर अंतरिम व्यवस्था के तहत दोनों प्रतिद्वंद्वी गुटों को अलग-अलग नाम और चिह्न आवंटित किए हैं। इसी बीच ममता बनर्जी ने नंदीग्राम उपचुनाव में कांग्रेस को समर्थन देने का ऐलान किया है।