
केंद्रीय मंत्री तक कैसा रहा धर्मेंद्र प्रधान का राजनीतिक सफर? (फोटो:ANI)
CJP Protest Latest Update: देशभर में NEET पेपर लीक मामले को लेकर जारी छात्रों के तीव्र आंदोलन के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान राजनीतिक घमासान के केंद्र बिंदु बने हुए हैं। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के बैनर तले राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर से शुरू हुआ यह छात्र आंदोलन अब पूरे देश में फैल चुका है, जिसे विपक्षी दलों और कई चर्चित हस्तियों का समर्थन भी मिला है। प्रदर्शनकारी छात्रों की मुख्य मांग और राजनीतिक दबाव के बाद शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।
57 साल धर्मेंद्र प्रधान भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रभावशाली और अनुभवी नेताओं में से एक गिने जाते हैं। उनका जन्म 26 जून 1969 को ओडिशा के अनुगुल जिले के तालचेर में एक राजनीतिक परिवार में हुआ था। उनके पिता देबेंद्र प्रधान भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री रहे हैं।
धर्मेंद्र प्रधान ने साल 1990 में भुवनेश्वर स्थित उत्कल विश्वविद्यालय से एंथ्रोपोलॉजी (मानवशास्त्र) में MA की डिग्री प्राप्त की। उन्होंने अपने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े छात्र संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के कार्यकर्ता के रूप में की थी।
धर्मेंद्र प्रधान ने छात्र राजनीति से शुरुआत कर केंद्रीय मंत्रिमंडल तक का सफर तय किया है:
-साल 2000: ओडिशा की पल्लहड़ा विधानसभा सीट से पहली बार विधायक चुने गए।
मंत्रालयी अनुभव: वे पूर्व में पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री तथा कौशल विकास मंत्री जैसे महत्वपूर्ण विभागों का प्रभार संभाल चुके हैं।
जून 2024: ओडिशा की संबलपुर सीट से पुन: लोकसभा सांसद चुने गए और उन्हें दोबारा केंद्रीय शिक्षा मंत्री की जिम्मेदारी सौंपी गई।
साल 2024 के चुनावी हलफनामे के अनुसार, धर्मेंद्र प्रधान और उनके परिवार की कुल संपत्ति 6.38 करोड़ रुपये है।
चल संपत्ति (Movable Assets): 1.39 करोड़
अचल संपत्ति (Immovable Assets): 92 लाख
देनदारी (Liabilities): 32 लाख
शुद्ध संपत्ति (Net Worth): 1.99 करोड़
चुनावी हलफनामे के अनुसार, धर्मेंद्र प्रधान पर मुख्य रूप से राजनीतिक आंदोलनों और प्रदर्शनों से जुड़े पुराने मामले दर्ज हैं:
Updated on:
25 Jul 2026 03:50 pm
Published on:
25 Jul 2026 03:50 pm
