
राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के नेता तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के एक विधायक के खिलाफ कार्रवाई न करने के लिए कड़ा प्रहार किया। बीजेपी विधायक ने कथित तौर पर मुसलमानों से होली के दिन "घर के अंदर रहने" की अपील की थी। आरजेडी नेता ने कहा कि मुख्यमंत्री "बेहोशी की हालत" में हैं और उन्होंने बीजेपी विधायक के विवादास्पद बयान की निंदा नहीं की।
मीडिया से बात करते हुए यादव ने कहा, "एक बीजेपी विधायक ने कहा कि मुस्लिम भाइयों को होली के दौरान बाहर नहीं निकलना चाहिए। वह ऐसा बयान देने वाला कौन होता है? राज्य का मुख्यमंत्री कहां है? वह किस हालत में है? जब महिलाएं अपने अधिकारों और सुरक्षा के मुद्दे उठाती हैं, तो मुख्यमंत्री उन्हें डांटने में पीछे नहीं हटते, चाहे वे दलित महिलाएं हों या पिछड़े वर्ग की। क्या मुख्यमंत्री में इस बीजेपी विधायक को डांटने की हिम्मत है? वह कहां हैं? वह बेहोशी की हालत में हैं।" उन्होंने दावा किया कि बीजेपी का अपने एनडीए सहयोगी जेडीयू पर मजबूत प्रभाव है और कहा, "जेडीयू पर बीजेपी और संघ का बहुत प्रभाव है; जेडीयू पूरी तरह से संघ और बीजेपी के रंग में रंग चुका है।"
यादव ने बिहार की समावेशी भावना पर जोर दिया और इसे एक ऐसा राज्य बताया जो राम और रहीम दोनों का सम्मान करता है। उन्होंने लोगों के बीच एकता को उजागर किया और कहा कि राजनीतिक परिणाम चाहे जो हों, आरजेडी लालू यादव की विचारधारा और संविधान के मूल्यों को बनाए रखेगी। उन्होंने कहा, "यह देश राम और रहीम दोनों के बारे में सोचने वाला देश है। यह बिहार है, जहां चार हिंदू भाई एक मुस्लिम की रक्षा के लिए खड़े होते हैं। चाहे हमें सत्ता मिले या हम इसे खो दें, जब तक हमारी पार्टी और लालू यादव की विचारधारा व संविधान में विश्वास करने वाले लोग हैं, तब तक हम उन्हें (बीजेपी) उनका एजेंडा हासिल नहीं करने देंगे।" यह बयान तब आया जब बिस्फी विधानसभा क्षेत्र के बीजेपी विधायक हरिभूषण ठाकुर बछौल ने मुसलमानों से होली के दिन "घर के अंदर रहने" की "अपील" कर विवाद खड़ा कर दिया, जो रमजान के दौरान शुक्रवार के दिन पड़ रही है।
इससे पहले सोमवार को तेजस्वी यादव ने पटना में 50 दिनों से अधिक समय से प्रदर्शन कर रहे बीपीएससी शिक्षक भर्ती परीक्षा 3.0 के अभ्यर्थियों से मुलाकात की। प्रदर्शनकारी बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) टीआरई 3.0 परीक्षा परिणामों में विसंगतियों को लेकर समाधान की मांग कर रहे हैं, जिसमें अभ्यर्थियों को रिक्त पदों और परिणाम घोषणा में समस्याओं को लेकर चिंता थी। अभ्यर्थी अजय मिश्रा ने तेजस्वी यादव से मुलाकात के बाद अपनी अपेक्षाओं के बारे में कहा, "हमें उनसे बहुत उम्मीदें हैं। वह निश्चित रूप से हमारी मांगें पूरी करेंगे। अगर सत्ताधारी पक्ष हमारी नहीं सुन रहा, तो हमें विपक्ष के पास जाना पड़ेगा। हम संवैधानिक रूप से अपनी मांगें रख रहे हैं। हम पिछले 50 दिनों से गर्दनीबाग में प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन सरकार हमारी बिल्कुल नहीं सुन रही। तेजस्वी यादव ने हमें आश्वासन दिया है कि वह विधानसभा में हमारी मांग उठाएंगे और जितना संभव होगा, हमारी मांगें पूरी करने की कोशिश करेंगे।"
मुद्दा बीपीएससी टीआरई 3.0 परीक्षा से जुड़ा है, जिसके लिए 87,774 पदों की घोषणा की गई थी। हालांकि, केवल 66,000 परिणाम घोषित किए गए, जिससे 21,000 रिक्तियां अस्पष्ट रह गईं। अभ्यर्थी विशेष रूप से इस बात से चिंतित थे कि प्रकाशित परिणामों में दोहराव था, जिसमें एक छात्र तीन अलग-अलग सूचियों में दिखाई दिया। एक अन्य अभ्यर्थी विक्रम कुमार ने स्थिति को स्पष्ट करते हुए कहा, "हमने बीपीएससी टीआरई 3.0 परीक्षा दी थी। उस समय 87,774 रिक्त पद थे, लेकिन केवल 66,000 पदों के लिए परिणाम घोषित किए गए। 21,000 पद छूट गए, और इसका कारण नहीं बताया गया। जब हमने उन 66,000 पदों का डेटा देखा, तो पाया कि केवल 35,000-40,000 अभ्यर्थियों के परिणाम जारी किए गए।
एक छात्र का नाम तीन अलग-अलग सूचियों में है। अगर वह एक जगह जॉइन कर लेता है, तो दो पद खाली रह जाएंगे। हम मांग करते हैं कि एक पूरक परिणाम जारी किया जाए।" अभ्यर्थी ने आगे कहा, "हम पिछले 49 दिनों से गर्दनीबाग में प्रदर्शन कर रहे हैं। सत्ताधारी पार्टी का कोई सदस्य हमसे नहीं मिला। हमें उम्मीद है कि जिस तरह तेजस्वी यादव ने 17 महीनों में काम किया है, वह विधानसभा में पूरक परिणाम को लेकर हमारी चिंता उठाएंगे। हमें उम्मीद है कि हमारी मांग पूरी होगी।"
Updated on:
11 Mar 2025 10:33 am
Published on:
11 Mar 2025 10:33 am
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