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Baramulla Terror Case: बारामूला में आतंकी नेटवर्क पर बड़ा प्रहार, आरोपी के दो मंजिला मकान पर UAPA का शिकंजा

Baramulla UAPA : बारामूला में आतंक के नेटवर्क को सहारा देने वाली कथित संपत्ति पर बड़ी कार्रवाई हुई है। पुलिस के मुताबिक, जिस मकान पर कार्रवाई हुई, उसका इस्तेमाल आतंकियों को ठहराने और गतिविधियों को सुविधाजनक बनाने के लिए किया गया था।
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Baramulla Terror Case

Baramulla Terror Case: आतंकी केस में आरोपी की प्रॉपर्टी पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई (फोटो सोर्स: ANI)

UAPA Action Baramulla: जम्मू-कश्मीर के बारामूला में पुलिस ने आतंकी गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई को एक कदम आगे बढ़ाते हुए आरोपी की संपत्ति पर कानूनी शिकंजा कसा है। शेरी इलाके के नामबलान गांव में स्थित दो मंजिला मकान को UAPA के तहत अटैच किया गया है। पुलिस के मुताबिक जांच में प्रथम दृष्टया इस संपत्ति का इस्तेमाल आतंकियों को पनाह और जरूरी लॉजिस्टिक मदद देने के लिए किए जाने के संकेत मिले। कार्रवाई का उद्देश्य आतंकी ढांचे की आर्थिक और रसद व्यवस्था को कमजोर करना है।

Baramulla Terror Case: एक्शन के बाद मकान पर लगी रोक

बारामूला पुलिस ने गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम यानी UAPA की धारा 25 के तहत यह कार्रवाई की है। संबंधित मकान आरोपी ऐजाज अहमद गनी, पुत्र स्वर्गीय मोहम्मद सुल्तान गनी, के नाम बताया गया है। संपत्ति बारामूला जिले के शेरी क्षेत्र के नामबलान गांव में सर्वे नंबर 423 पर स्थित है।

पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई FIR नंबर 37/2026 से जुड़ी है, जो शेरी थाने में दर्ज है। मामले में Arms Act की धारा 7/25 के अलावा UAPA की धाराएं 13, 18, 19, 20, 23, 38 और 39 लगाई गई हैं। जांच एजेंसी का कहना है कि मकान का इस्तेमाल आतंकियों को ठहराने, उनकी आवाजाही या अन्य लॉजिस्टिक जरूरतों में सहायता पहुंचाने के लिए किया गया हो सकता है।

बेच नहीं सकेंगे, न किराये पर दे पाएंगे

संपत्ति अटैच किए जाने के साथ पुलिस ने वहां सार्वजनिक नोटिस भी चस्पा किया है। इसके बाद मकान को बेचने, ट्रांसफर करने, लीज पर देने, गिरवी रखने या किसी तीसरे पक्ष का अधिकार बनाने पर रोक रहेगी। अधिकारियों के मुताबिक यह कदम संपत्ति को कथित आतंकी गतिविधियों से जुड़े आर्थिक या सहायक ढांचे के तौर पर इस्तेमाल होने से रोकने के लिए उठाया गया है।

इस कार्रवाई को जम्मू-कश्मीर पुलिस की उस रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, जिसमें केवल हथियारबंद आतंकियों तक सीमित रहने के बजाय उनके सपोर्ट सिस्टम, सुरक्षित ठिकानों और लॉजिस्टिक नेटवर्क पर भी कार्रवाई की जा रही है।

22 सितंबर को मिली थी मंजूरी

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि संपत्ति अटैच करने की प्रक्रिया को जम्मू-कश्मीर के पुलिस महानिदेशक की मंजूरी प्राप्त थी। यह मंजूरी 22 सितंबर 2026 के आदेश संख्या 2695 के जरिए दी गई।

गौरतलब है कि इसी आरोपी ऐजाज अहमद गनी को अगस्त में सुरक्षा बलों ने बारामूला में एक संयुक्त नाके के दौरान पकड़ा था। उस समय अधिकारियों के अनुसार उसके पास से MP-5 प्रकार की पिस्तौल, 10 जिंदा 9 एमएम कारतूस, मोबाइल फोन और बैग बरामद हुआ था तथा FIR 37/2026 दर्ज की गई थी।

पुलिस का कहना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ आतंकी नेटवर्क से जुड़े अन्य संपर्कों और सहायता तंत्र की भी पड़ताल की जा रही है।