
देश में कोरोना के बढ़ते मामलों ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। रविवार को कुल सक्रिय केस 1 लाख 40 हजार को पार कर गया है। ऐसे में खतरे को टालने के लिए सरकार की तरफ से आज यानी 3 जनवरी से 15 से 18 साल के बच्चों के लिए टीकाकरण अभियान की शुरुआत होगी। 1 जनवरी से बच्चों को वैक्सीन लगाने के लिए पोर्टल पर पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू हो गई थी। कोरोनावायरस के नए वेरिएंट ओमिक्रोन के खतरे को देखते हुए केंद्र सरकार ने 3 जनवरी से बच्चों के लिए वैक्सीन की डोज लगाने के लिए दिशानिर्देश जारी किए थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 25 दिसंबर को बच्चों के लिए टीकाकरण शुरू करने का ऐलान किया था। रविवार रात तक 15 से 18 आयु वर्ग के 7 लाख से अधिक लाभार्थियों ने टीकाकरण के लिए पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराया था।
किस राज्य में कितने बच्चे को लगेगा वैक्सीन
जनसंख्या की दृष्टि से देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में 1 करोड़ 40 लाख बच्चों का टीकाकरण किया जाएगा। वहीँ बिहार में 75 लाख, महाराष्ट्र में 60 लाख, पंजाब में 50 लाख, मध्यप्रदेश में 36 लाख, राजस्थान में 51 लाख, गुजरात में 36 लाख, तमिलनाडु में 33 लाख, हिमाचल प्रदेश में चार लाख, जम्मू एंड कश्मीर में 8 लाख 33 हजार बच्चों का टीकाकरण किया जाना है। 15 से 18 साल के बच्चों को टीकाकरण रजिस्ट्रेशन के लिए कुछ नया नियम भी जोड़ा गया है। जिन बच्चों के पास आधार कार्ड या फिर पहचान पत्र नहीं होगा वह दसवीं कक्षा के आईडी कार्ड के जरिए भी अपना रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। यह मान्य होगा।
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भारत के औषधि महानियंत्रक ने 24 दिसंबर को कुछ शर्तों के साथ 12 साल से अधिक उम्र के बच्चों के लिए कोविड-19 टीके आपात इस्तेमाल को मंजूरी दी थी। 15 से 18 साल के बच्चों को टीकाकरण में सिर्फ Covaxin ही दी जाएगी । इस टीके को भारत बायोटेक और आईसीएमआर ने बनाया है। यह भारत में बनने वाला पहला स्वदेशी वैक्सीन है।
Published on:
3 Jan 2022, 8:51 AM IST
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