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NEET Paper Leak Protest: ‘निडर होकर करें ड्यूटी, मैं उठाऊंगा जिम्मेदारी’: पेलेट गन विवाद के बीच CRPF महानिदेशक का जवानों को बड़ा संदेश

CRPF Pellet Gun Row: NEET परीक्षा विवाद के दौरान भड़की हिंसा और पेलेट गन के इस्तेमाल पर मचे बवाल के बीच, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के शीर्ष नेतृत्व ने अपने जवानों के पीछे ढाल बनकर खड़े होने का ऐलान किया है।
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CRPF Director General GP Singh

CRPF Director General GP Singh: पेलेट गन विवाद के बीच CRPF प्रमुख का जवानों को संदेश—कर्तव्य निभाएं, जिम्मेदारी मेरी (फोटो सोर्स : AI@chatgpt)

CRPF Chief Backs RAF Troops Amid Pellet Gun Row: देश भर में NEET पेपर लीक मामले को लेकर जारी विरोध-प्रदर्शनों के बीच राजधानी में कानून-व्यवस्था की स्थिति को संभालने के लिए उठाए गए कदमों पर उठ रहे सवालों का CRPF महानिदेशक (DG) जी.पी. सिंह ने सीधा और कड़ा जवाब दिया है। बल के स्थापना दिवस समारोह के अवसर पर आयोजित अलंकरण समारोह को संबोधित करते हुए महानिदेशक ने साफ किया कि कर्तव्य पालन के दौरान राष्ट्रहित में लिए गए हर फैसले की जिम्मेदारी बल का शीर्ष नेतृत्व उठाएगा।

"चाहे बात हमारी ऑपरेशनल बटालियन की हो या कानून-व्यवस्था संभालने वाली टुकड़ियों की, कर्तव्य के दौरान जनकल्याण और देशहित में उठाए गए हर कदम की जिम्मेदारी महानिदेशक होने के नाते मैं खुद लेता हूं। आप बिना किसी डर के अपनी ड्यूटी निभाएं।"
- जी.पी. सिंह, महानिदेशक, CRPF

जांच रिपोर्ट में बड़ा खुलासा: SOP और नियमों का हुआ पूरा पालन

20 जुलाई को नीट पेपर लीक के खिलाफ हुए हिंसक प्रदर्शन को नियंत्रित करने के लिए रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) द्वारा पेलेट गन का इस्तेमाल किया गया था। इस कार्रवाई में 3 से 5 प्रदर्शनकारियों के घायल होने के बाद विवाद खड़ा हो गया था।

इसके बाद CRPF द्वारा कराए गए एक आंतरिक घटना-उत्तर मूल्यांकन (Post-event Assessment) की रिपोर्ट में यह बात स्पष्ट हुई है कि जवानों ने स्थिति को संभालने के लिए निर्धारित 'मानक संचालन प्रक्रिया' (SOP) का बिल्कुल सही पालन किया था:

चरणबद्ध बल प्रयोग (Force Gradient): सबसे पहले भीड़ को तितर-बितर करने की चेतावनी दी गई।

अश्रु गैस व लाठीचार्ज: चेतावनी का असर न होने पर आंसू गैस के गोले छोड़े गए और लाठीचार्ज किया गया।

पेलेट गन का उपयोग: जब उपद्रवी तत्व पूरी तरह अनियंत्रित हो गए, तब अंतिम उपाय के तौर पर पेलेट गन चलाई गई।

मजिस्ट्रेट की मंजूरी: दिल्ली पुलिस के संबंधित DCP/ACP ने कार्यकारी मजिस्ट्रेट के रूप में अपनी शक्तियों का प्रयोग करते हुए हस्ताक्षरित प्रारूप में पेलेट गन के इस्तेमाल की लिखित अनुमति दी थी।

जवानों के लिए कानूनी सुरक्षा कवच: BNS और BNSS का प्रावधान

कानूनी विशेषज्ञों और सूत्रों के अनुसार, नियमों के तहत की गई इस कार्रवाई के कारण जवानों पर किसी भी तरह की दंडात्मक कार्रवाई की संभावना न के बराबर है।

यदि प्रदर्शनकारियों को चोट पहुंचाने के आरोप में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 117 (स्वेच्छा से गंभीर चोट पहुंचाना) के तहत मामला दर्ज भी होता है, तो जवानों को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 218 के तहत मजबूत सुरक्षा प्राप्त होगी। इस प्रावधान के अनुसार, किसी भी ड्यूटी पर तैनात अधिकारी पर मुकदमा चलाने से पहले CRPF महानिदेशक की पूर्वानुमति (Prosecution Sanction) अनिवार्य होती है, जिसे DG जायज बल प्रयोग का हवाला देकर खारिज कर सकते हैं।

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