
Crude Oil हुआ सस्ता (फोटो-ANI)
Crude Oil Price Drop: अमरीका-ईरान के बीच शांति समझौता और वैश्विक तेल बाजार में ईरानी क्रूड ऑयल की इंट्री से कच्चा तेल युद्ध से पहले के स्तर पर आ गया है। बुधवार को ब्रेंट क्रूड ऑयल 75 डॉलर प्रति बैरल के नीचे आ गया, जो अमरीका-ईरान जंग शुरू होने से पहले 27 फरवरी को 72.97 डॉलर पर था। बुधवार को क्रूड के दाम चार माह के नए निचले स्तर पर आ गए। कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और सरकार की ओर से उत्पाद शुल्क प्रति लीटर 10 रुपए की गई कटौती से तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) को अब पेट्रोल-डीजल की बिक्री पर मिलने वाला मार्जिन (लाभ) फिर से पश्चिम एशिया संकट से पहले के स्तर से भी ऊपर पहुंच गया है। इससे लोगों को उम्मीद है कि भारत में पेट्रोल-डीजल कम हो सकती है, जो मई में प्रति लीटर 7 रुपए से भी ज्यादा बढ़ी थी। हालांकि, रसोई गैस (एलपीजी) पर होने वाला घाटा अभी भी चिंता का विषय बना हुआ है।
वहीं तेल कंपनियों का कहना है कि अमरीका-ईरान जंग शुरू होने से पेट्रोल-डीजल की बिक्री पर प्रति माह करीब 30,000 करोड़ रुपए का नुकसान उठाना पड़ रहा था। अब विश्लेषकों का मानना है कि पहले कंपनियां उस घाटे की भरपाई करेंगी। ऐसे में लोगों को तुरंत महंगे पेट्रोल-डीजल से राहत मिलने की उम्मीद कम है। विशेषज्ञों के अनुसार सरकार फिलहाल शुल्क को कम स्तर पर बनाए रख सकती है।
हॉर्मुज करीब 4 महीने बंद रहने से ज्यादातर जहाज मालिकों ने अपने बेड़े को दूसरे सुरक्षित समुद्री रास्तों पर भेज दिया। हॉर्मुज करीब 4 महीने बंद रहने से ज्यादातर जहाज मालिकों ने अपने बेड़े को दूसरे सुरक्षित समुद्री रास्तों पर भेज दिया। अब हालात बदल रहे हैं तो उन जहाजों को वापस फारस की खाड़ी तक पहुंचने में कई हफ्तों का समय लग रहा है। इससे वहां खाली जहाजों की उपलब्धता बेहद सीमित है। इससे तेल जहाज का किराया 9 गुना तक बढ़ गया है, जिससे क्रूड ऑयल सस्ता होने के बावजूद भारत पर आने की लैंडिंग कॉस्ट अभी भी ऊंची है।
| तिथि | कीमत (डॉलर/प्रति बैरल) |
|---|---|
| 27 फरवरी | 72.87 |
| 4 मई | 120.11 (उच्चतम स्तर) |
| 24 जून | 74.64 |
Updated on:
25 Jun 2026 04:29 am
Published on:
25 Jun 2026 04:29 am
