25 मार्च 2026,

बुधवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

दलाई लामा के 90वें जन्मदिन पर उमड़ा जनसैलाब, धर्मशाला में गूंजी दीर्घायु की प्रार्थनाएं

Spiritual Peace: धर्मशाला के त्सुगलाखंग मंदिर में तीन तिब्बती संगठनों द्वारा दलाई लामा के 90वें जन्मदिन पर उनकी दीर्घायु के लिए भव्य प्रार्थना सभा आयोजित की गई। इस पावन अवसर पर 5,000 से अधिक तिब्बती श्रद्धालुओं और विदेशी मेहमानों ने विश्व शांति और अपने आध्यात्मिक गुरु के उत्तम स्वास्थ्य की कामना की।

2 min read
Google source verification

भारत

image

MI Zahir

Mar 25, 2026

Dalai Lama Birthday

विश्व शांति के दूत और तिब्बती आध्यात्मिक गुरु दलाई लामा। (फोटो: ANI)

Tenzhug Ceremony : विश्व शांति के दूत और तिब्बती आध्यात्मिक गुरु 14वें दलाई लामा के 90वें जन्मदिन के उपलक्ष्य में धर्मशाला का माहौल पूरी तरह भक्तिमय हो गया है। (Dalai Lama 90th Birthday) त्सुगलाखंग मंदिर में आयोजित एक भव्य समारोह में हजारों की संख्या में श्रद्धालु अपने आराध्य की लंबी उम्र के लिए प्रार्थना करने पहुंचे। (Long Life Prayer Ceremony) इस ऐतिहासिक मौके पर तीन प्रमुख तिब्बती संगठनों ने मिल कर एक विशेष आध्यात्मिक सभा का आयोजन किया। (Tibetan Organizations) मंदिर परिसर में भिक्षुओं के मंत्रोच्चार और श्रद्धालुओं की श्रद्धा ने एक अद्भुत ऊर्जा का संचार किया। (Dharamshala Tsuglakhang Temple) इस खास अवसर पर विदेशी मेहमानों ने भी शिरकत कर दलाई लामा के प्रति अपना अटूट सम्मान प्रकट किया। (Spiritual Leader Dalai Lama)

तीन संगठनों की अनूठी पहल (Tibetan Solidarity)

इस विशेष 'तेनझुक' (दीर्घायु प्रार्थना) का आयोजन यू-त्सांग चोलखा, दोखम जाचुका एसोसिएशन और क्यिडोंग वेलफेयर एसोसिएशन द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। बुधवार की सुबह जैसे ही सूरज की पहली किरण धौलाधार की पहाड़ियों पर पड़ी, मंदिर परिसर 5,000 से अधिक श्रद्धालुओं की उपस्थिति से भर गया। समारोह का मुख्य आकर्षण तिब्बती आध्यात्मिक गुरु लिंग रिनपोचे द्वारा किया गया प्रार्थना का नेतृत्व था, जिन्होंने दलाई लामा के उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना की।

90वां वर्ष: तिब्बतियों के लिए भावनात्मक पल (Emotional Milestone)

निर्वासित तिब्बती नागरिक नोरबू वांगचुक ने इस मौके पर अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि यह केवल एक रस्म नहीं, बल्कि उनके अस्तित्व के प्रतीक के प्रति कृतज्ञता है। उन्होंने बताया कि दलाई लामा का 90वें वर्ष में प्रवेश करना पूरे समुदाय के लिए एक उत्सव है। यू-त्सांग चोलखा एसोसिएशन के अध्यक्ष दावा त्सेरिंग ने भी कहा कि यह दिन दुनिया भर में फैले तिब्बतियों को एकजुट करने का एक बड़ा माध्यम बना है। उनकी प्रार्थनाओं में केवल दलाई लामा की सेहत ही नहीं, बल्कि विश्व शांति का संदेश भी शामिल है।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दलाई लामा का क्रेज (Global Following)

धर्मशाला केवल तिब्बतियों के लिए ही नहीं, बल्कि सात समंदर पार से आने वाले लोगों के लिए भी श्रद्धा का केंद्र बन गया है। यूक्रेन से आई श्रद्धालु सोल मिया की आंखों में आंसू थे, जब उन्होंने अपने जीवन के सबसे बड़े सपने को पूरा होते देखा। उन्होंने बताया कि दलाई लामा के सानिध्य में होना और इस सकारात्मक ऊर्जा को महसूस करना उनके लिए किसी चमत्कार से कम नहीं है।

मुस्कान ही दुनिया के लिए करुणा का बड़ा पाठ

इस आयोजन पर सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर जबरदस्त प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। लोगों का मानना है कि दलाई लामा की उपस्थिति ही हिमालयी क्षेत्र में स्थिरता और शांति का सबसे बड़ा कारण है। श्रद्धालुओं का कहना है कि उनकी मुस्कान ही दुनिया के लिए करुणा का सबसे बड़ा पाठ है।

सुरक्षा और यातायात के विशेष इंतजाम किए

आने वाले दिनों में दलाई लामा के 90वें जन्मदिन के उपलक्ष्य में कई अन्य सांस्कृतिक और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। प्रशासन ने बढ़ती भीड़ को देखते हुए सुरक्षा और यातायात के विशेष इंतजाम किए हैं। इस कार्यक्रम का एक आर्थिक और पर्यटन पहलू भी है। धर्मशाला और मैक्लोडगंज में इस समय होटलों की बुकिंग 100% फुल है, जिससे स्थानीय व्यापार को बड़ा बढ़ावा मिला है। यूक्रेन जैसी युद्धग्रस्त जगहों से आए लोगों के लिए दलाई लामा का शांति संदेश एक मरहम की तरह काम कर रहा है। ( इनपुट :ANI)