12 अगस्त 2026,

बुधवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

अंकित शर्मा हत्याकांड: नाजिम और कासिम की उम्रकैद की सजा के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील, दिल्ली पुलिस को नोटिस

Ankit Sharma Murder Verdict: दिल्ली हाईकोर्ट ने आईबी अधिकारी अंकित शर्मा हत्या मामले में दोषी ठहराए गए नाजिम और कासिम की उम्रकैद की सजा पर रोक लगाने की मांग वाली याचिका पर दिल्ली पुलिस से जवाब मांगा है। दोनों ने अपनी दोषसिद्धि और सजा को चुनौती देते हुए पर्याप्त प्रत्यक्ष सबूत नहीं होने का दावा किया है।
2 min read
Google source verification

भारत

image

Ashib Khan

Aug 12, 2026

Delhi High Court appeal

अंकित शर्मा हत्याकांड मामले में कोर्ट में हुई सुनवाई (Photo-ANI)

Ankit Sharma Murder Case: दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों के दौरान आईबी अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में दोषी ठहराए गए नाजिम और कासिम की उम्रकैद की सजा पर रोक लगाने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई की। कोर्ट ने दोनों की सजा निलंबित करने की मांग वाली अर्जी के साथ-साथ उनकी दोषसिद्धि और उम्रकैद की सजा के खिलाफ दायर अपील पर भी दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया है।

दिल्ली पुलिस से मांगा जवाब

जस्टिस प्रतिभा एम. सिंह और जस्टिस विकास महाजन की खंडपीठ ने दिल्ली पुलिस से जवाब मांगा है। दरअसल, नाजिम और कासिम ने कड़कड़डूमा कोर्ट के उस फैसले को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी है, जिसके तहत उन्हें हत्या समेत अन्य अपराधों में दोषी ठहराकर उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। दोनों की ओर से अधिवक्ता बिलाल अनवर खान ने अपील दायर की है। सुनवाई के दौरान दोनों सगे भाइयों की ओर से एक वरिष्ठ अधिवक्ता भी पेश हुए।

बिना पर्याप्त साक्ष्य के दोषी ठहराने का दावा

अपीलकर्ताओं की ओर से दलील दी गई कि उनके खिलाफ पर्याप्त प्रत्यक्ष सबूत नहीं है और गवाहों के बयानों की कोई स्वतंत्र पुष्टि भी नहीं हुई है। इसके बावजूद केवल बयानों के आधार पर उन्हें दोषी ठहराकर उम्रकैद की सजा दी गई।

ताहिर हुसैन समेत पांच दोषियों को उम्रकैद

बता दें कि 13 जुलाई को कड़कड़डूमा कोर्ट ने ताहिर हुसैन समेत पांच आरोपियों को अंकित शर्मा हत्याकांड में दोषी ठहराया था। इसके बाद 31 जुलाई को अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (ASJ) की अदालत ने ताहिर हुसैन, नाजिम, कासिम, जावेद और अनस को हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई।

ताहिर हुसैन पर लगाया था 5 लाख का जुर्माना

कोर्ट ने ताहिर हुसैन पर 5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया, जबकि अन्य दोषियों पर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। इसके अलावा सभी दोषियों को अपहरण के अपराध में 7 साल की सजा और जुर्माने की सजा भी दी गई। दंगा, गैरकानूनी जमावड़ा और अन्य धाराओं के तहत भी उन्हें सजा सुनाई गई।

अभियोजन ने मांगी थी फांसी

अभियोजन पक्ष ने सभी पांच दोषियों के लिए मृत्युदंड की मांग की थी। विशेष लोक अभियोजक (SPP) मधुकर पांडे ने दलील दी थी कि हत्या बेहद बर्बर और सुनियोजित थी। उन्होंने कहा था कि अपराध के दौरान भारी धारदार हथियार का इस्तेमाल किया गया और दोषियों का आचरण बेहद क्रूर था।

अभियोजन ने यह भी कहा था कि अंकित शर्मा के शरीर पर 51 चोटों के निशान थे, जिनमें से 7 चोटें जानलेवा थीं। अभियोजन के मुताबिक, हत्या जानबूझकर की गई और आरोपी किसी उकसावे के कारण ऐसा नहीं कर रहे थे।