
नई दिल्ली। दिल्ली उच्च न्यायालय ( Delhi High Court) ने भीड़भाड़ वाले रोहिणी अदालत ( Rohini Court ) कक्ष में हुई गोलीबारी को देखते हुए राजधानी में जिला अदालतों में पर्याप्त सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग वाली याचिका पर मंगलवार को सुनवाई की। सुनवाई के दौरान कोर्ट सख्त नजर आई। अदालत ने पुलिस को स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है।
न्यायमूर्ति रेखा पल्ली की एकल पीठ ने दिल्ली पुलिस और ‘दिल्ली बार काउंसिल’ को मंगलवार को नोटिस जारी किया और पांच दिन के भीतर रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है।
यह याचिका महिला वकील की ओर से दायर की गई है। मामले की आगे की सुनवाई के लिए 11 अक्टूबर की तारीख तय की गई है।
पुलिस ने कोर्ट को बताया कि दिल्ली में जिला अदालतों में सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कदम उठा रहे हैं और पर्याप्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं।
वकील दीपा जोसेफ ने अपनी याचिका में कहा था कि वह दिल्ली की विभिन्न अदालतों में वकालत कर रही हैं, जो असुरक्षित हैं और वहां बदमाशों के लिए एक-दूसरे से बदला लेना आसान हो गया है।
कोर्ट आने वाले हजारों वकीलों के लिए अदालतें अब असुरक्षित हो गई हैं। याचिका में दिल्ली पुलिस और ‘दिल्ली बार काउंसिल’ को अदालत के प्रवेश द्वार पर सभी पुलिस कर्मियों को अदालत परिसर में प्रवेश करने वाले प्रत्येक वकील के आईडी कार्ड की जांच करने का निर्देश देने का अनुरोध किया गया है।
यही नहीं याचिकाकर्ता दीपा जोसेफ ने यह भी कहा, ‘यह दुखद है कि एक युवा वकील भी इस घटना में गंभीर रूप से घायल हो गईं।
कोर्ट में गोलीबारी एक बार फिर से न्यायाधीशों, वकीलों और वादियों की दिल्ली में जिला अदालतों के अंदर सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े करती है।’
ये है मामला
दरअसल 24 सितंबर को रोहिणी के अदालत कक्ष में गोलीबारी की घटना में तीन बदमाश मारे गए थे और एक विधि प्रक्षिशु घायल हो गई थीं।
रोहिणी अदालत में शुक्रवार को बदमाश जितेंद्र गोगी की, वकील के भेष में आए दो हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी।
हालांकि पुलिस की जवाबी कार्रवाई में दोनों हमलावर भी मारे गए थे। ऐसी शंका है कि दोनों टिल्लू गिरोह के सदस्य थे।
Published on:
28 Sep 2021, 4:48 PM IST
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