
दिल्ली एमसीडी मेयर चुनाव के लिए अब जारी होगी नई डेट, सदन स्थगित जानें आखिर मामला क्या था?
दिल्ली MCD मेयर चुनाव के लिए मतदान शुरू होने से पहले AAP और भाजपा पार्षदों के बीच हंगामे के चलते MCD सदन स्थगित कर दिया गया है। अब दिल्ली एमसीडी मेयर चुनाव के लिए नई डेट तय होगी। और उसके बाद दिल्ली एमसीडी का नया मेयर, डिप्टी मेयर चुना जाएगा। साथ ही स्थायी समिति के सदस्यों का चुनाव भी उसी नई डेट पर होगा। Delhi Mayor elections की voting की तारीख उपराज्पाल विनय कुमार सक्सेना तय करेंगे। वैसे तो दिल्ली MCD चुनाव को हुए एक माह बीत गया है। पर सवाल यह है कि आखिर ऐसा क्या हुआ कि, आम आदमी पार्टी और भाजपा में जूतमपैजार होगी। इसके दो कारण थे, एक तो मनोनीत सदस्यों को पहले शपथ दिलाना दूसरा भाजपा पार्षद सत्या शर्मा को एमसीडी की पहली बैठक के लिए पीठासीन अधिकारी नियुक्त करना। दिल्ली नगर निगम के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ कि, मेयर चुनाव के दिन बिना मेयर चुनाव हुए सदन स्थगित किया गया।
मनोनीत पार्षदों को शपथ दिलाने पर आप भड़की
दिल्ली के एलजी ने 10 लोगों को पार्षद के तौर पर मनोनीत किया था। मनोनीत पार्षदों को एल्डरमैन कहा जाता है। हालांकि इन्हें मेयर और डिप्टी मेयर चुनाव में वोट डालने का अधिकार नहीं होता है। पर आज जैसे सभी चुने गए पार्षद सिविक सेंटर स्टेट एमसीडी सदन पहुंचे तो उपराज्यपाल से चुनी गई पीठासीन अधिकारी भाजपा की सत्य शर्मा ने शपथ ग्रहण की। फिर मनोनीत 10 पार्षदों के शपथ ग्रहण का सिलसिला शुरू हुआ। बस बवाल यहीं से शुरू हो गया। आप का कहना था कि, पहले चुने हुए पार्षदों का शपथ ग्रहण होना चाहिए। हंगामे के बीच चार मनोनीत पार्षदों विनोद सहरावत, लक्ष्मण आर्य, मुकेश मान और सुनीत चौहान ने शपथ ग्रहण की।
जमकर हुआ बवाल, कुर्सियां फेंकीं, मेजें तोड़ी
बस आप पार्षद ने जैसे ही विरोध किया भाजपा पार्षद भी सामने आ गए। दोनों दलों के पार्षदों में मारपीट और हाथापाई हुई। एक-दूसरे के ऊपर कुर्सियां भी फेंकी, साथ ही मेजें तोड़ी गईं। हंगामा रोकने के लिए सदन की कार्यवाही दो बार रोकी गई। पर हंगामा जारी रहा। और बिना मेयर के चुनाव के सदन स्थगित किया गया।
पीठासीन अधिकारी पर एलजी और आप में रार
दिल्ली के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने मेयर चुनाव के लिए भाजपा पार्षद सत्या शर्मा को एमसीडी की पहली बैठक के लिए पीठासीन अधिकारी नियुक्त किया है। पर केजरीवाल सरकार चाहती थी कि ये जिम्मेदारी आम आदमी पार्टी के पार्षद मुकेश गोयल दिया जाए। पर एलजी नहीं मानें। वैसे मुकेश गोयल छह बार पार्षद चुने जा चुके है। सत्या शर्मा तीसरी बार पार्षद बनीं है। इस मामले को लेकर भी आप में कुछ नाराजगी थी।
कई बार अपील की पर वो मानें नहीं - पीठासीन अधिकारी सत्या शर्मा
एमसीडी मेयर चुनाव, दिल्ली पीठासीन अधिकारी सत्या शर्मा ने कहाकि, मैंने सदन की कार्रवाई सुचारू रूप से चलाने के लिए कई बार अपील की लेकिन हंगामा जारी है। अगर वो शांति से बैठते हैं तो हम शपथ दिलाने के लिए तैयार हैं। अगर ये लोग शांति से नहीं बैठेंगे तो हम अगली तारीख का इंतजार करेंगे।
दिल्ली एमसीडी में बहुमत में है AAP
दिल्ली एमसीडी के 250 वार्ड में आम आदमी पार्टी के हिस्से में 134, भाजपा 104, कांग्रेस 9 और 3 अन्य पार्षद आए थे।
एमसीडी मेयर चुनाव में कौन डाल सकता है वोट जानें
एमसीडी के चुने 250 पार्षद, दिल्ली विधानसभा के 14 विधायक, दिल्ली के 7 लोकसभा सांसद और 3 राज्य सभा सांसद भी वोट डालते हैं। इस तरह से मेयर के चुनाव के लिए निर्वाचक मंडल में कुल 274 सदस्य हो जाते हैं।
दल-बदल कानून लागू नहीं
एमसीडी मेयर पद के चुनाव में दल-बदल कानून लागू नहीं होता है। किसी भी पार्टी का पार्षद किसी को भी वोट डाल सकता है।
Updated on:
06 Jan 2023 03:29 pm
Published on:
06 Jan 2023 03:03 pm
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