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Independence Day 2026: लाल किले की सुरक्षा में पहली बार ‘अभिज्ञान’ ऐप, 20 हजार जवान रहेंगे तैनात

Delhi Police Red Fort Security Independence Day 2026: स्वतंत्रता दिवस समारोह को लेकर लाल किले और आसपास सुरक्षा कड़ी की गई है। दिल्ली पुलिस, अर्धसैनिक बल और NSG के 15-20 हजार जवान तैनात होंगे। पहली बार ‘अभिज्ञान’ ऐप, फेसियल रिकॉग्निशन, CCTV और बायोमेट्रिक तकनीक का इस्तेमाल होगा। इससे संदिग्धों और आपराधिक रिकॉर्ड वाले लोगों की पहचान में मदद मिलेगी।
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भारत

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Ashib Khan

Aug 09, 2026

Delhi Police Abhigyaan app facial recognition

15 अगस्त को लाल किले पर रहेगी कड़ी सुरक्षा व्यवस्था (Photo-IANS)

Independence Day 2026: स्वतंत्रता दिवस समारोह को लेकर दिल्ली पुलिस ने लाल किले और उसके आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। 15 अगस्त को होने वाले समारोह के मद्देनजर इलाके में दिल्ली पुलिस, अर्धसैनिक बलों, राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) समेत विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के करीब 15 से 20 हजार जवान तैनात किए जाने की तैयारी है। 

तकनीक का किया जाएगा इस्तेमाल

इस बार सुरक्षा व्यवस्था में तकनीक का भी बड़े स्तर पर इस्तेमाल किया जा रहा है। पहली बार दिल्ली पुलिस ‘अभिज्ञान’ (Abhigyaan) ऐप का इस्तेमाल करेगी। इसे फेसियल रिकॉग्निशन सिस्टम के साथ जोड़ा गया है। इसके जरिए भीड़भाड़ वाले इलाकों में संदिग्ध या आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लोगों की पहचान करने में पुलिस को मदद मिलेगी।

फेसियल रिकॉग्निशन से होगी संदिग्धों की पहचान

उत्तर जिले के डीसीपी राजा बंथिया ने बताया कि स्वतंत्रता दिवस की सुरक्षा को लेकर कई दिनों से तैयारियां चल रही हैं। सुरक्षा व्यवस्था में दिल्ली पुलिस के साथ अर्धसैनिक बल, NSG और अन्य एजेंसियों के जवान शामिल होंगे।

सुरक्षा के लिए वीडियो एनालिटिक्स से लैस CCTV कैमरे और फेसियल रिकॉग्निशन सिस्टम लगाए जाएंगे। यह सिस्टम दूर से भी किसी व्यक्ति के चेहरे की प्रोफाइल कैप्चर कर उसे पुलिस के रिकॉर्ड और डेटाबेस से मैच कर सकता है। इससे वांछित आरोपियों, फरार अपराधियों, बार-बार अपराध करने वालों और आपराधिक पृष्ठभूमि वाले अन्य लोगों की पहचान करने में मदद मिलेगी।

दिल्ली पुलिस के FRS डेटाबेस में फिलहाल करीब तीन लाख ऐसे लोगों की जानकारी मौजूद है, जिनका आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। पुलिस पहले भीड़भाड़ वाले कई स्थानों पर इस तकनीक का इस्तेमाल कर चुकी है।

‘अभिज्ञान’ ऐप से मौके पर होगी बायोमेट्रिक जांच

अभिज्ञान ऐप पुलिसकर्मियों को बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन के जरिए आपराधिक रिकॉर्ड तक पहुंच उपलब्ध कराएगा। यह ऐप राष्ट्रीय स्वचालित फिंगरप्रिंट पहचान प्रणाली (NAFIS) से जुड़ा है। इसके जरिए पुलिसकर्मी मौके पर ही दोषियों, आरोपियों और जेल में बंद या रह चुके लोगों के रिकॉर्ड की जांच कर सकेंगे।

पुलिसकर्मी स्मार्टफोन के साथ पोर्टेबल बायोमेट्रिक स्कैनर का इस्तेमाल कर किसी व्यक्ति की पहचान और आपराधिक इतिहास को कम समय में सत्यापित कर पाएंगे।

सुरक्षित लॉगिन और टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन

ऐप में सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सख्त लॉगिन प्रोटोकॉल और टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन जैसी सुविधाएं भी शामिल की गई हैं। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि संवेदनशील आपराधिक रिकॉर्ड तक केवल अधिकृत पुलिसकर्मियों की ही पहुंच हो।

दिल्ली पुलिस के मुताबिक बड़ी संख्या में सुरक्षा बलों की तैनाती के साथ CCTV निगरानी, फेसियल रिकॉग्निशन और बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन जैसी तकनीकों का इस्तेमाल लाल किले के आसपास सुरक्षा को और मजबूत करेगा। स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान भीड़ पर नजर रखने और किसी भी संभावित खतरे की समय रहते पहचान करने में इन तकनीकों की अहम भूमिका होगी।