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लालकृष्ण आडवाणी 2002 में बने थे मोदी की ढाल, ऐसे बचाई थी उनकी कुर्सी

LK Advan: नरेंद्र मोदी के सफर में भी लालकृष्ण आडवाणी का अहम योगदान है। वर्ष 2002 के गुजरात दंगों के वक्त जब मोदी पर आंच आई, उस समय आडवाणी उनके लिए ढाल बनकर खड़े हो गए थे।
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नई दिल्ली

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Akash Sharma

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Updated: 3 Feb 2024, 4:10 PM IST

 नरेंद्र मोदी के साथ बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी (पुरानी तस्वीर)

नरेंद्र मोदी के साथ बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी (पुरानी तस्वीर)

बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी को भारत रत्न से सम्मानित किया जाएगा। इस बात की जानकारी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के जरिए दी है। पीएम मोदी ने अपने X की पोस्ट में कहा कि लालकृष्ण आडवाणी हमारे समय के सबसे सम्मानित नेताओं में से एक हैं। साथ ही भारत के विकास में उनका महत्वपूर्ण योगदान है।

पीएम मोदी मानते हैं गुरु
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी को अपना गुरु मानते हैं। वह कई मौकों पर इस बात का जिक्र भी कर चुके हैं। लालकृष्ण आडवाणी का बीजेपी को इस मुकाम तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण योगदान है। बता दें कि नरेंद्र मोदी के सफर में भी आडवाणी का अहम योगदान है। वर्ष 2002 के गुजरात दंगों के वक्त जब मोदी पर आंच आई, उस समय आडवाणी उनके लिए ढाल बनकर खड़े हो गए थे।

जब बन गए थे मोदी की ढाल

वर्ष 2002 में जब गुजरात में दंगे हुए थे उस समय नरेंद्र मोदी राज्य के मुख्यमंत्री हुआ करते थे। हालांकि केंद्र में भी भाजपा की सरकार थी। देश के प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी थे। दंगों के बाद प्रधानमंत्री वाजपेयी गुजरात गए और वहां मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को राजधर्म पालन करने की सलाह दी थी। जानकारी के अनुसार, पीएम अटल बिहारी वाजपेयी नरेंद्र मोदी का गुजरात के मुख्यमंत्री के पद से इस्तीफा चाहते थे, लेकिन लालकृष्ण आडवाणी इसके सख्त खिलाफ थे। उन्होंने ऐसा नहीं होने दिया।
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