6 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

catch_icon

प्लस

epaper_icon

ई-पेपर

icon

प्रोफाइल

अमेरिका-वेनेजुएला संघर्ष में भारत की बल्ले बल्ले, होगा 9000 करोड़ का फायदा!, जानें कैसे

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की है कि अमेरिकी तेल कंपनियां वेनेजुएला में अरबों डॉलर निवेश करेंगी और खराब इंफ्रास्ट्रक्चर को ठीक करेंगी।

2 min read
Google source verification
US Attack Venezuela

वेनेजुएला संकट

America Attack On Venezuela: अमेरिकी सेना द्वारा वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी और तेल क्षेत्र पर नियंत्रण के बाद वैश्विक स्तर पर तनाव बढ़ गया है, लेकिन भारत के लिए यह एक बड़ा आर्थिक अवसर बन सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिकी नियंत्रण से वेनेजुएला के तेल क्षेत्र में प्रतिबंधों में ढील मिलने की उम्मीद है, जिससे भारत की ओएनजीसी विदेश लिमिटेड (OVL) को करीब 1 अरब डॉलर (लगभग 9000 करोड़ रुपये से अधिक) का लंबे समय से फंसा बकाया मिल सकता है। साथ ही, तेल उत्पादन में वृद्धि से भारत को सस्ता क्रूड आयात फिर से शुरू करने का मौका मिलेगा।

फंसी राशि का विवरण

भारत की प्रमुख कंपनी ओएनजीसी विदेश लिमिटेड (OVL) की वेनेजुएला में ईस्टर्न सैन क्रिस्टोबल ऑयल प्रोजेक्ट में 40% हिस्सेदारी है। वहीं, काराबोबो-1 प्रोजेक्ट में OVL की 11% और इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC) तथा ऑयल इंडिया लिमिटेड (OIL) की 3.5% प्रत्येक हिस्सेदारी है। वेनेजुएला की राज्य तेल कंपनी पेट्रोलियोस डी वेनेजुएला एसए (PDVSA) बहुमत शेयरधारक है।
2014 तक OVL को 53.6 करोड़ डॉलर का डिविडेंड बकाया है, और उसके बाद की अवधि में भी लगभग इतनी ही राशि फंसी हुई है। कुल मिलाकर करीब 1 अरब डॉलर का बकाया है। इसका मुख्य कारण अमेरिका द्वारा 2020 से लगाए गए कड़े प्रतिबंध हैं, जिनके चलते तेल आयात बंद हो गया और ऑडिट की अनुमति नहीं मिली। इससे उत्पादन में भारी गिरावट आई और बकाया का निपटान रुक गया।

अमेरिकी नियंत्रण से कैसे मिलेगा फायदा?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की है कि अमेरिकी तेल कंपनियां वेनेजुएला में अरबों डॉलर निवेश करेंगी और खराब इंफ्रास्ट्रक्चर को ठीक करेंगी। ट्रंप ने कहा, हम तेल के कारोबार में हैं और हमें पता है कि कैसे तेल कंपनियां मुनाफे में आती हैं।

विश्लेषकों का मानना है कि PDVSA के पुनर्गठन और प्रतिबंधों में छूट से तेल निर्यात बहाल होगा। इससे OVL को बकाया मिलेगा और उत्पादन बढ़ेगा। पहले भारत वेनेजुएला से रोजाना 4 लाख बैरल से अधिक क्रूड आयात करता था, जो प्रतिबंधों से बंद हो गया। अब निर्यात शुरू होने से भारतीय रिफाइनरियों को सस्ता हेवी क्रूड मिल सकता है।

वैश्विक प्रभाव और भारत की स्थिति

यह घटना वैश्विक तेल बाजार को प्रभावित कर सकती है, लेकिन भारत पर सकारात्मक असर पड़ेगा। चीन, जो वेनेजुएला का मुख्य खरीदार है, फिलहाल खरीद रोकेगा जब तक भुगतान चैनल साफ नहीं होते। भारत के लिए यह अवसर है कि पुराने व्यापारिक रिश्ते बहाल हों और फंसा पैसा वापस आए। उद्योग जगत के सूत्रों के अनुसार, अमेरिकी नियंत्रण से लातिन अमेरिकी देश में स्थिरता आएगी और विदेशी निवेश बढ़ेगा, जिसका सीधा लाभ भारत को होगा।