
अमेरिका का डेल्टा फोर्स
Attack On Venezuela: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को घोषणा की कि अमेरिकी सेना ने वेनेजुएला पर बड़े पैमाने पर सैन्य हमला किया है, जिसमें वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को गिरफ्तार कर देश से बाहर ले जाया गया है। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर पोस्ट कर कहा, यह ऑपरेशन अमेरिकी कानून प्रवर्तन एजेंसियों के सहयोग से किया गया। मादुरो पर अमेरिका में नार्को-टेररिज्म के आरोप हैं। ट्रंप प्रशासन उन्हें अमेरिका लाकर मुकदमा चलाने की योजना बना रहा है।
अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, इस गोपनीय ऑपरेशन का नेतृत्व यूएस आर्मी की एलीट स्पेशल फोर्स यूनिट 'डेल्टा फोर्स' ने किया। डेल्टा फोर्स के कमांडोज ने काराकास में मादुरो के ठिकाने पर छापा मारा और उन्हें सुरक्षित गिरफ्तार किया। यह वही यूनिट है जिसने 2019 में आईएसआईएस सरगना अबू बकर अल-बगदादी को सीरिया में मार गिराया था।
रात के समय काराकास और आसपास के इलाकों में जोरदार धमाके सुनाई दिए। हेलीकॉप्टरों की आवाज और कम उड़ान भरते विमानों की रिपोर्ट्स आईं। अमेरिकी हमलों में फुएर्ते तिउना जैसे प्रमुख सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया। वेनेजुएला की उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने राज्य टीवी पर कहा कि मादुरो और उनकी पत्नी का पता नहीं है और अमेरिका से 'प्रूफ ऑफ लाइफ' की मांग की।
अमेरिकी सेना की सबसे गोपनीय और एलीट यूनिट '1st स्पेशल फोर्सेस ऑपरेशनल डिटैचमेंट-डेल्टा' (डेल्टा फोर्स) 1977 में कर्नल चार्ल्स बेकविथ द्वारा स्थापित की गई थी। ब्रिटिश एसएएस से प्रेरित यह यूनिट काउंटर-टेररिज्म, हाई-वैल्यू टारगेट्स की गिरफ्तारी, होस्टेज रेस्क्यू और स्पेशल रेकॉनिसेंस में माहिर है। डेल्टा फोर्स जॉइंट स्पेशल ऑपरेशंस कमांड (जेएसओसी) के अधीन काम करती है और इसके ऑपरेशंस अत्यधिक गोपनीय होते हैं।
डेल्टा की स्थापना आतंकवाद के बढ़ते खतरे के जवाब में हुई। 1980 में ईरान होस्टेज क्राइसिस में इसका पहला बड़ा ऑपरेशन फेल हुआ। 1993 में सोमालिया की लड़ाई (ब्लैक हॉक डाउन) में डेल्टा ऑपरेटर्स ने बहादुरी दिखाई। इराक और अफगानिस्तान युद्धों में सद्दाम हुसैन की गिरफ्तारी और आईएसआईएस के खिलाफ कई ऑपरेशंस में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 2019 में बगदादी रेड में डेल्टा ने हेलीकॉप्टर से छापा मारकर आईएस प्रमुख को घेरा और उसकी मौत सुनिश्चित की।
वेनेजुएला सरकार ने इसे 'आक्रमण' करार दिया और राष्ट्रीय आपातकाल घोषित किया। रक्षा मंत्री ने सैन्य तैनाती की घोषणा की। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कोलंबिया ने सीमा पर सैनिक तैनात किए, जबकि अर्जेंटीना के राष्ट्रपति ने गिरफ्तारी का स्वागत किया।
Published on:
03 Jan 2026 05:53 pm
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