
झारखंड के 100 मजदूरों पर अत्याचार (AI फोटो) फाइल फोटो-पत्रिका
Abuse of workers: तमिलनाडु के नमक्कल जिले की एक कपड़ा फैक्ट्री से झारखंड (Jharkhand) के पश्चिम सिंहभूम जिले के करीब 100 आदिवासी मजदूरों (Tribal Laborers) के घर लौटने की खबर ने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मजदूरों का आरोप है कि वहां न सिर्फ उनका शोषण हुआ, बल्कि विरोध करने पर मारपीट और धमकियां भी दी गईं। चक्रधरपुर इलाके के रहने वाले अनिल सामद ने बताया कि पिछले कुछ सालों कई युवा मजदूर फैक्ट्री में काम कर रहे थे, लेकिन हालात धीरे-धीरे खराब होने लगे। उन्होंने आगे बताया की फैक्ट्री में खाना-पीना, नियम और स्टाफ का व्यवहार ठीक नहीं था। जब हमने शिकायत की और फैक्ट्री छोड़ने की बात कही तो हमारे साथ मारपीट की गई और बाहर जाने से रोका गया।
एक अन्य मजदूर मांकी हेसा ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि विवाद के बाद उन पर हमला किया गया। उन्होंने कहा 'पहले थप्पड़ मारा गया, फिर डंडों और मशीन के पार्ट्स से पीटा गया। मेरा हाथ सूज गया था। उनका कहना है कि इलाज का खर्च भी साथियों ने मिलकर उठाया।
इसी गांव की महिला मजदूर प्रिस्का होरो ने भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि हाल ही में फैक्ट्री के अंदर माहौल बिगड़ गया था। प्रिस्का ने बताया कि उन्हें परिसर से बाहर जाने की अनुमति नहीं दी जाती थी। उन्होंने आरोप लगाया कि मिल के एक कर्मचारी ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया और मारपीट भी की, जिसका वीडियो किसी ने बना लिया। प्रिस्का ने कहा उन्हें फैक्ट्री परिसर छोड़ने की इजाजत नहीं दी गई और उनके साथ मारपीट की गई। जब श्रमिकों को बाहर जाने से रोका गया तो कुछ लोग दीवार कूदकर भाग निकले।
मजदूरों ने आरोप लगाया कि उन्हें महीनों का वेतन नहीं मिला। घर लौटने का खर्च भी खुद ही उठाना पड़ा। अनिल सामद ने कहा हमने टिकट के पैसे भी खुद जुटाए, कई बार परिवार से उधार लेना पड़ा। इस फैक्ट्री में झारखंड के करीब 250 से 300 मजदूर काम करते थे। इनमें से लगभग आधे मजदूर अब तक अपने घर लौट चुके हैं, जबकि बाकी लोग आने वाले दिनों में वापस लौट सकते हैं।
मामला सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हुए, जिसके बाद झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने संज्ञान लिया और जांच के निर्देश दिए। श्रम विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, इन मजदूरों को एक एजेंट के जरिए तीन-चार महीने पहले भर्ती कर तमिलनाडु भेजा गया था। मामले की जानकारी 22 अप्रैल को राज्य के माइग्रेंट कंट्रोल रूम को दी गई, जिसके बाद मजदूरों की वापसी की प्रक्रिया शुरू की गई।
Published on:
26 Apr 2026 07:46 pm
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